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नई दिल्ली: देश में जीरो और कम शुगर वाले ड्रिंक्स की बिक्री 2025 में पांच साल के हाई पर पहुंच गई। इससे साफ है कि भारत में अब यह सेगमेंट काफी तेजी से उभर रहा था जबकि कभी इसे शहरी सनक कहकर खारिज कर दिया गया था। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 60,000 करोड़ रुपये के सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में कोका-कोला का दबदबा है। पिछले साल कंपनी की कुल बिक्री में जीरो-शुगर ड्रिंक्स की बिक्री 30 फीसदी पहुंच गई। इस दौरान डाइट कोक की बिक्री एक साल पहले की तुलना में दोगुनी हो गई।

कोका-कोला के जीरो-शुगर ड्रिंक्स में डाइट कोक के अलावा कोक जीरो, नो-शुगर थंब्स अप एक्स फोर्स, स्प्राइट जीरो और किनले वॉटर के साथ-साथ जूस और एनर्जी ड्रिंक्स शामिल हैं। पेप्सिको की नो-शुगर और मिड-शुगर ड्रिंक्स की बिक्री भी अक्टूबर-दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी की कुल बिक्री का 59 फीसदी पहुंच गई। यह पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 53 फीसदी अधिक है। कंपनी के पास इस कैटगरी में एनर्जी ड्रिंक स्टिंग, पेप्सी ब्लैक, 7 अप जीरो शुगर, ट्रॉपिकाना नो-शुगर, एवरेस्ट सोडा और एक्वाफिना वॉटर शामिल हैं।

सब जगह बदल रहा है ट्रेंड

स्पार्कलिंग ड्रिंक्स और जूस से लेकर कॉफी में भी यह ट्रेंड देखने को मिल रहा है। कंपनियों का कहना है कि इसके कई कारण हैं। लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रहे हैं। जनवरी में 500 से ज्यादा स्टारबक्स स्टोर्स में शुगर-फ्री फ्लेवर्स शुरू करने वाली कंपनी टाटा स्टारबक्स का कहना है कि साल के शुरुआत से ही यह शिफ्ट देखने को मिल रहा है। कई लोगों ने नए साल के संकल्प के तौर पर इसे लिया है। 2025 में जीरो और लो-शुगर ड्रिंक्स की ओवरऑल बिक्री में औसतर 30 फीसदी की तेजी आई जो 2020 में 5 फीसदी थी।

एक बड़ी कंज्यूमर कंपनी में टॉप एग्जीक्यूटिव ने कहा कि डाइट्स और जीरो-शुगर वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ रही है। पांच साल पहले तक लोग हेल्थ के बारे में बात करते थे लेकिन इस अब वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं। यही कारण है कि कंपनियों ने भी अब शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स पर फोकस करना शुरू कर दिया है। मसलन कोका-कोला अपने शुगर-फ्री ब्रांड्स को पूरी ताकत के साथ पुश कर रही है। खासकर जेन जी में शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स को लेकर ज्यादा क्रेज देखा जा रहा है।