एक महीने पहले टूट गया था युद्धविराम
इसके पहले इस साल की शुरुआत में इजरायल और हमास युद्धविराम पर सहमत हुए थे, जो बीते मार्च महीने में टूट गया था। इसके बाद इजरायल ने गाजा पर बमबारी फिर से शुरू कर दी थी। दोनों पक्षों ने इसे जारी रखने में विफलता के लिए एक दूसरे को दोषी ठहराया था। इजरायल ने मध्यस्थों की योजना पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। प्रस्ताव पर काहिरा में चर्चा होने वाली है, जिसमें हमास के राजनीतिक परिषद के प्रमुख मोहम्मद दरवेश और उसके मुख्य वार्ताकार खलील अल-हय्या करेंगे।
नेतन्याहू ने हमास को खत्म करने की खाई है कसम
इसके पहले हमास ने इजरायल के नवीनतम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था, जिसमें छह सप्ताह के युद्धविराम के बदले में हमास से निरस्त्रीकरण की मांग शामिल थी। शनिवार को ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें हमास के आगे सरेंडर नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि हमास के नष्ट होने और सभी बंधकों के वापस लौटने से पहले इजरायल युद्ध समाप्त नहीं करेगा। नेतन्याहू ने हमास की शर्तों पर युद्धविराम को सरेंडर की तरह बताया था। वहीं, हमास ने मांग की है कि सभी बंधकों को रिहा किए जाने से पहले इजरायल युद्ध समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हो।
गाजा का शासन छोड़ सकता है हमास
बीबीसी ने एक फिलिस्तीनी अधिकारी के हवाले से बताया है कि हमास ने गाजा के शासन को छोड़ने का संकेत दिया है और इसे राष्ट्रीय या क्षेत्रीय स्तर पर सहमत किसी भी फिलिस्तीनी इकाई को सौंपा जा सकता है। यह वेस्ट बैंक पर शासन करने वाले फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) या एक नया गठित प्रशासनिक निकाय हो सकता है। हालांकि, नेतन्याहू ने गाजा के भविष्य के शासन में फिलिस्तीनी प्रशासन की किसी भी भूमिका से इनकार किया है।



