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नई दिल्‍ली: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ( LIC ) को आईटीसी में अपने निवेश पर सिर्फ दो दिनों में 10,445 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इस नुकसान की वजह एफएमसीजी (FMCG) कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट है। सिगरेट पर एक्‍साइज ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी के बाद से आईटीसी के शेयरों पर दबाव है।

एलआईसी भारत का सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है। उसके पास सितंबर तिमाही के अंत में आईटीसी में 15.86 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो लगभग 199 करोड़ इक्विटी शेयरों के बराबर है। इस बड़ी हिस्सेदारी के मूल्य में आई गिरावट एलआईसी के लिए एक बड़ा झटका है।

सरकार की नीत‍ि में बदलाव का असर

यह गिरावट बुधवार देर रात वित्त मंत्रालय की ओर से 1 फरवरी से लागू होने वाले सिगरेट पर संशोधित उत्पाद शुल्क संरचना की अधिसूचना के बाद शुरू हुई। इस नई व्यवस्था के तहत, सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 सिगरेट पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक का शुल्क लगेगा। इस कदम ने तंबाकू उद्योग में हड़कंप मचा दिया। सिगरेट कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई।आईटीसी के शेयर शुक्रवार को तीन साल के निचले स्तर 345.35 रुपये पर आ गए थे। सत्र के अंत में यह शेयर 350.10 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 13.75 रुपये या 3.8 फीसदी कम था। पिछले दो कारोबारी दिनों में शेयर में कुल 14 फीसदी की गिरावट आई है।

ब्रोकरेज फर्मों ने घटाई रेट‍िंंग

आईटीसी के शेयरों में आई इस तेज गिरावट के कारण कई ब्रोकरेज फर्मों ने अपनी रेटिंग घटाई है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने टैक्स में बढ़ोतरी की मात्रा को ‘चौंकाने वाला’ बताया है। उन्होंने कहा कि सिगरेट पर टैक्स लगभग 50 फीसदी बढ़ जाएगा।

इस ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, वर्तमान शुद्ध कमाई बनाए रखने के लिए आईटीसी को प्रति सिगरेट अपने उत्पादों की कीमतों में कम से कम 25 फीसदी की बढ़ोतरी करनी होगी। इसी कारण उसने आईटीसी के शेयर की रेटिंग ‘बाय’ से घटाकर ‘न्‍यूट्रल’ कर दी है। टारगेट प्राइस 400 रुपये कर दिया है।

जेफरीज ने भी आउटलुक बदला

जेफरीज ने भी आईटीसी के शेयर को ‘बाय’ से घटाकर ‘होल्‍ड’ कर दिया है। उसने कहा कि टैक्स का बोझ कम करने के लिए आईटीसी को कीमतों में काफी बढ़ोतरी करनी होगी। अगर कॉम्बिनेशन में कोई बदलाव नहीं होता है तो आईटीसी को केवल असर को पास करने के लिए 40 फीसदी मूल्य वृद्धि की जरूरत होगी।

जेफरीज ने आगे कहा कि अगर आईटीसी पूरी लागत को मूल्य वृद्धि के जरिये ग्राहकों पर डालता है तो प्रभावी टैक्स बढ़ोतरी लगभग 70 फीसदी होगी। इससे प्रति सिगरेट तंबाकू कर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के 55 फीसदी से बढ़कर 65 फीसदी हो जाएगा।

ब्रोकरेज फर्म ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि निकट से मध्यम अवधि में शेयर की बढ़त अब सीमित दिख रही है। उसने चेतावनी दी कि निकट भविष्य में शेयर पर और दबाव आ सकता है।

यह ध्यान देने वाली बात है कि हालिया टैक्स बढ़ोतरी से पहले भी आईटीसी के शेयर दबाव में थे। पिछले एक साल में शेयर में लगभग 28 फीसदी की गिरावट आ चुकी थी। अब इस नए टैक्स ने कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है।