‘सच्चा मुसलमान’ होने को लेकर बहस
सलीम खान अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते रहे हैं। जब भी फिल्मों को लेकर फतवा जारी करने या ‘सच्चा मुसलमान’ होने को लेकर बहस होने लगी तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। ऐसे ही सलीम खान ने फिल्मों पर फतवा जारी करने वाले कुछ संगठनों को करारा जवाब दिया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईद के मौके पर फिल्में क्यों रिलीज की जाती हैं।
‘सच्चा मुसलमान’ होने को लेकर बहस
सलीम खान अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते रहे हैं। जब भी फिल्मों को लेकर फतवा जारी करने या ‘सच्चा मुसलमान’ होने को लेकर बहस होने लगी तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। ऐसे ही सलीम खान ने फिल्मों पर फतवा जारी करने वाले कुछ संगठनों को करारा जवाब दिया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईद के मौके पर फिल्में क्यों रिलीज की जाती हैं।
कहा- ईद पर फिल्मों की रिलीज का उद्देश्य क्या है
सलीम खान ने एक बार ये साफ किया था कि ईद पर फिल्मों की रिलीज का उद्देश्य किसी धार्मिक भावना से टकराव नहीं, बल्कि त्योहार के उत्सव और पारिवारिक माहौल का हिस्सा बनना है। उनके अनुसार, ईद ऐसा अवसर है जब परिवार साथ में समय बिताता है और सिनेमा मनोरंजन का एक माध्यम बन जाता है।
फतवा फिल्म बनाने वालों पर ही क्यों, देखने वालों पर क्यों नहीं?
लेखक ने खुद अपने पुराने इंटरव्यू में कहा था कि हर मुसलमान के फिल्म देखने पर बैन लगा दिया जाएं तो हमारा काम खुद-ब-खुद बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा था, ‘फतवा सिर्फ फिल्म बनाने वालों पर ही क्यों, देखने वालों पर क्यों नहीं? जब से फिल्म इंडस्ट्री बनी है, तब से लोग प्रिंट लेकर बैठते हैं कि ईद पर रिलीज करेंगे। मुसलमान रमजान में फिल्म नहीं देखता, लेकिन ईद पर जो ओपनिंग लगती है, वह किसी अन्य मंच पर नहीं लगती क्योंकि फिल्म बनाने में 2 करोड़ या 5 करोड़ लग रहा है।’
हर फिल्म देखने वाले मुसलमान पर फतवा की कही बात
उन्होंने आगे कहा था, ‘फिल्म के लिए ईद का वीक बहुत जरूरी और कमाल का होता है। इससे साफ पता चलता है कि मुसलमान सबसे ज्यादा फिल्म देखता है। तो हर फिल्म देखने वाले मुसलमान पर फतवा लगा दिया जाए, इससे हमारा काम वैसे ही बंद हो जाएगा।’ सलीम खान ने इस्लाम की शिक्षा पर जोर देते हुए साफ कहा कि इस्लाम धर्म में इंसानियत और मोहब्बत की बात की गई है, बदले की नहीं।
उनके घर में हर धर्म का सम्मान
बता दें कि सलीम खान और सलमान खान ने हमेशा से कहा कि उनके घर में हर धर्म का सम्मान होता है। सलमान की मां हिंदू समुदाय से आती हैं। वे हर साल अपने घर में गणेश चतुर्थी का आयोजन करते हैं और बप्पा की विदाई पर ढोल की थाप पर डांस भी करते हैं।



