नई दिल्ली: 2025 में इंटरनेट पर छा जाने वाली लोकप्रिय रोएंदार गुड़िया ‘लबूबस’ अब गलत कारणों से चर्चा में हैं। न्यूयॉर्क के एक एनजीओ चाइना लेबर वॉच (CLW) ने बड़ा खुलासा किया है। उसका दावा है कि इन गुड़ियों को बनाने वाली चीनी कंपनी पॉप मार्ट की फैक्ट्री में बाल श्रम और शोषणकारी तरीके अपनाए जा रहे हैं। जियांग्शी प्रांत की शुंजिया टॉयज फैक्ट्री में 16 और 17 साल के किशोरों से बिना कानूनी सुरक्षा के काम लिया जा रहा है। कर्मचारियों से अवास्तविक प्रोडक्शन टारगेट पूरे करवाने के लिए ओवरटाइम कराया जाता है। ये चीनी कानूनों का घोर उल्लंघन है। पॉप मार्ट ने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है। कहा है कि अगर आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी-बड़ी आंखों और शरारती मुस्कान वाली रोएंदार गुड़िया। इन्हें ‘लबूबस’ के नाम से जानती है दुनिया। 2025 में इन्होंने इंटरनेट पर खूब धूम मचाई थी। लेकिन, अब ये गुड़िया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पर, इस बार वजह अच्छी नहीं है। एक लेबर राइट्स एनजीओ ने इन गुड़ियों को बनाने वाली एक फैक्ट्री में हो रहे शोषण का पर्दाफाश किया है। ये गुड़िया चीनी कंपनी पॉप मार्ट के लोकप्रिय खिलौनों की लाइन का हिस्सा हैं। इनकी पिछले साल रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई थी।
100 घंटे से ज्यादा ओवरटाइम
CLW की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है, ‘कम उम्र के कर्मचारियों को आमतौर पर उन कॉन्ट्रैक्ट्स की प्रकृति समझ नहीं आती थी जिन पर वे साइन करते थे। पूछे जाने पर उन्हें अपनी कानूनी स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी।’ NGO ने यह भी पाया कि कर्मचारी अक्सर खाली लेबर कॉन्ट्रैक्ट्स पर साइन कर देते थे। रिपोर्ट में आगे लिखा है, ‘कर्मचारियों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए पांच मिनट से ज्यादा नहीं दिए जाते थे। उन्हें साफ तौर पर कहा जाता था कि वे दूसरे सेक्शन न पढ़ें और न ही भरें।’ इसका मतलब है कि उनसे बिना सोचे-समझे कागजों पर दस्तखत करवाए जा रहे थे।
इन आंकड़ों से समझिए हो क्या रहा है?
शुंजिया टॉयज की आधिकारिक सालाना प्रोडक्शन क्षमता 1.2 करोड़ यूनिट है। कंपनी की योजना 2025 के आखिर तक इसे बढ़ाकर 3.3 करोड़ यूनिट करने की है। लेकिन, CLW के निष्कर्ष बताते हैं कि असल प्रोडक्शन पहले ही आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा है। अकेले दो टीमें सालाना 2.4 करोड़ से ज्यादा यूनिट बना रही हैं। CLW के कार्यकारी निदेशक ली कियांग ने ‘द गार्जियन’ को बताया, ‘योजनाबद्ध क्षमता और वास्तविक आउटपुट के बीच यह अंतर चीन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में असामान्य नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब बाजार की मांग तेजी से बढ़ती है तो प्रोडक्शन अक्सर योजनाबद्ध स्तरों से काफी आगे बढ़ जाता है और इसका दबाव सीधे कर्मचारियों पर पड़ता है।’
पॉप मार्ट की ‘मॉन्स्टर्स’ लाइन का लबूबस हिस्सा है। लबूबस ने 2025 के पहले छह महीनों में ही 4.8 अरब युआन (लगभग 511 मिलियन पाउंड) की बिक्री की। पॉप मार्ट के सीईओ वांग निंग ने अगस्त में कहा था कि कंपनी इस साल 20 अरब युआन का रेवेन्यू हासिल करने की राह पर है। यह दिखाता है कि लबूबस खिलौनों की कितनी ज्यादा मांग है और कंपनी कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस रिपोर्ट पर पॉप मार्ट के एक प्रवक्ता ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा, ‘पॉप मार्ट में हम अपनी (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों की भलाई और सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेते हैं।’ उन्होंने आगे बताया, ‘हम अपने OEM सप्लाई चेन पार्टनर्स का रेगुलर, स्टैंडर्ड ऑडिट करते हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल ऑडिट फर्मों की ओर से किए गए सालाना स्वतंत्र थर्ड-पार्टी ऑडिट शामिल हैं।’
प्रवक्ता ने यह भी कहा, ‘हम इस जानकारी की सराहना करते हैं जो हमारे ध्यान में लाई गई है और हम फिलहाल इस मामले की जांच कर रहे हैं।’ उन्होंने आश्वासन दिया, ‘आगे चलकर पॉप मार्ट सप्लाई चेन ऑडिट और निगरानी सिस्टम को मजबूत करना जारी रखेगा।’ अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कंपनी ने कहा है, ‘हम संबंधित पार्टनर्स से स्थानीय कानूनों और नियमों के अनुसार व्यापक सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए सख्ती से कहेंगे।’



