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नई दिल्ली: अगर आप वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर करने का प्लान बना रहे हैं तो पहले कुछ नियम जान लीजिए। ये नियम कन्फर्म टिकट कैंसिलेशन से जुड़े हैं। यात्रियों को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का कन्फर्म टिकट कैंसिल कराना महंगा पड़ेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक अगर आपने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का कन्फर्म टिकट खरीदा है और उसे कभी भी कैंसिल कराते हैं, तो टिकट की कीमत का कम से कम 25% कट जाएगा। यह नियम टिकट खरीदने के बाद कभी भी लागू होगा।

वहीं अगर आप ट्रेन के तय समय से 72 घंटे पहले से लेकर 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराते हैं, तो आपको टिकट की कीमत का 50% भुगतान करना होगा। यानी, आधी रकम कट जाएगी। अगर आप ट्रेन के तय समय से 8 घंटे पहले से कम समय में टिकट कैंसिल कराते हैं, तो आपको कोई भी रिफंड नहीं मिलेगा। रेलवे ने यह नियम इसलिए बनाया है क्योंकि अब रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के तय समय से 8 घंटे पहले तैयार किए जाएंगे। पहले यह समय सिर्फ 4 घंटे पहले का था।

क्या है रेलवे का मकसद?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए ये नए नियम बाकी ट्रेनों से काफी अलग और सख्त हैं। यहां तक कि जो वंदे भारत चेयर कार ट्रेनें अभी चल रही हैं, उनके नियमों से भी ये काफी अलग हैं। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों में टिकट कैंसिल कराने का समय कम कर दिया गया है और रिफंड की रकम भी बदल दी गई है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन ट्रेनों में यात्रियों को सिर्फ कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। यानी, वेटिंग लिस्ट या आरएसी का कोई सिस्टम नहीं होगा।

दूसरी ट्रेनों में क्या है नियम?

दूसरी ट्रेनों के नियमों की बात करें तो, अगर आप 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराते हैं, तो फर्स्ट एसी के लिए 240 रुपये, सेकंड एसी के लिए 200 रुपये, थर्ड एसी के लिए 180 रुपये, स्लीपर क्लास के लिए 120 रुपये और सेकंड क्लास के लिए 60 रुपये कटते हैं।

अगर आप 48 घंटे से लेकर 12 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराते हैं, तो टिकट की कीमत का 25% कटता है। और अगर 12 घंटे से लेकर 4 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराते हैं, तो 50% रकम कट जाती है। अगर कन्फर्म टिकट को 4 घंटे पहले तक कैंसिल नहीं किया जाता या TDR (Ticket Deposit Receipt) ऑनलाइन फाइल नहीं किया जाता, तो कोई रिफंड नहीं मिलता।

कम से कम 400 किमी का किराया

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के किराए की बात करें तो रेलवे बोर्ड ने बताया है कि इन ट्रेनों में कम से कम 400 किलोमीटर की दूरी के लिए किराया लिया जाएगा। साथ ही, इन ट्रेनों में सिर्फ महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और ड्यूटी पास वालों के लिए ही कोटा होगा। इसके अलावा कोई और रिजर्वेशन लागू नहीं होगा। यानी, आम यात्रियों को इन खास कोटे के अलावा कोई और सुविधा नहीं मिलेगी। यह बदलाव यात्रियों के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है।