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नई दिल्ली: कुछ साल पहले तक बात हो रही थी कि टेस्ट क्रिकेट खत्म हो रहा है। 5 दिन का होने की वजह से फैंस का सपोर्ट नहीं मिल रहा था। लेकिन अब कहानी बदल चुकी है। कोविड काल के बाद वनडे क्रिकेट की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। 5 मैचों की वनडे सीरीज को देखने को ही नहीं मिलती। वनडे में सिर्फ विश्व कप ही फोकस में रहता है। पहले बड़ी संख्या में ट्राई सीरीज के आयोजन होते थे। अब तीन मैचों की वनडे सीरीज ही खेली जाती है।

भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने चेतावनी दी है कि 2027 विश्व कप के बाद वनडे के लिए सरवाइव करना मुश्किल होगा क्योंकि तब रोहित शर्मा और विराट कोहली संन्यास ले लेंगे। अश्विन ने अपने चैनल ऐश की बात में कहा, ‘मुझे 2027 वर्ल्ड कप के बाद वनडे के भविष्य के बारे में पक्का नहीं पता। मैं इसे लेकर थोड़ा चिंतित हूं। मैं विजय हजारे ट्रॉफी फॉलो कर रहा हूं, लेकिन जिस तरह से मैंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को फॉलो किया था, उस तरह से इसे फॉलो करना थोड़ा मुश्किल लग रहा है।’

रोहित शर्मा और विराट कोहली विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने उतरे तो काफी भीड़ देखने को मिली। हर तरफ इसी की चर्चा थी। अश्विन ने कहा- रोहित और विराट विजय हजारे ट्रॉफी में लौटे तो लोगों ने देखना शुरू कर दिया। हम जानते हैं कि खेल हमेशा खिलाड़ी से बड़ा होता है लेकिन कई मौकों पर खेल को बनाए रखने के लिए ऐसे खिलाड़ियों का लौटना जरूरी होता है। विजय हजारे ट्रॉफी एक डोमेस्टिक कॉम्पिटिशन है जिसे ज्यादा लोग फॉलो नहीं करते, लेकिन उन्होंने किया क्योंकि विराट और रोहित खेल रहे थे। फिर क्या होगा जब वे वनडे खेलना बंद कर देंगे?

आईसीसी को अश्विन ने दी सलाह

आर अश्विन ने कहा, ‘आईसीसी को देखना चाहिए कि वे ये वर्ल्ड कप कैसे करवा रहे हैं। हर साल रेवेन्यू कमाने के लिए आईसीसी का कोई न कोई टूर्नामेंट होता है, लेकिन देखिए FIFA इसे कैसे करता है। वहां लीग होती हैं और वे हर चार साल में एक बार वर्ल्ड कप करवाते हैं। वर्ल्ड कप की वैल्यू है क्योंकि यह एक बड़ा टूर्नामेंट है। बहुत ज्यादा बाइलेटरल सीरीज़, बहुत ज्यादा फॉर्मेट, बहुत ज्यादावर्ल्ड कप, इसलिए यह थोड़ा ज्यादा हो गया है। अगर आप सच में वनडे को जरूरी बनाना चाहते हैं, तो बस ये लीग खेलें और हर चार साल में एक बार वनडे वर्ल्ड कप खेलें, ताकि जब लोग इवेंट देखने आएं।

इरफान पठान भी वनडे को लेकर चिंतित

इरफान पठान भी वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि ट्राई सीरीज का आयोजन करवाना चाहिए। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा- मैं बार-बार एक ही बात कह रहा हूं। तीन की जगह पांच वनडे क्यों नहीं हो सकते? हम ट्रायंगुलर या क्वाड्रेनगुलर सीरीज क्यों नहीं करवा सकते? हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते, क्योंकि ये दोनों महान खिलाड़ी (रोहित और विराट) सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेलते हैं? यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर वनडे में दिलचस्पी वापस आई है तो ये दोनों ही उसे वापस लाए हैं।