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आरा: भोजपुर जिले का बड़गांव कांड 9 साल पुराना एक सनसनीखेज मामला है, जिसमें भाकपा माले (CPIML) के पूर्व विधायक मनोज मंजिल समेत 23 लोगों को जिला न्यायालय ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसे मंगलवार को पटना हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा है। निचली अदालत के फैसले के बाद मनोज मंजिल की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी। आइए जानते हैं बड़गांव कांड क्या था…

9 साल पहले हुआ था बड़गांव कांड

भोजपुर जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़गांव में 9 साल पहले एक किसान की हत्या हुई थी। 9 साल पहले 20 अगस्त 2015 को अजीमाबाद थाना क्षेत्र में किरकिरी पंचायत के माले नेता सतीश यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इसके प्रतिशोध में बड़गांव गांव के निवासी चंदन कुमार के पिता जयप्रकाश सिंह का घर लौटने के दौरान अपहरण कर लिया गया था। इस दौरान चंदन कुमार अपने पिता के साथ थे, लेकिन वे अपनी जान बचाकर भाग निकले

अपहरण के बाद किसान जयप्रकाश सिंह की ईंट पत्थर से मारकर हत्या कर दी गई थी। चेहरे को बुरी तरह ईंट-पत्थर से कुचला था। ताकि पहचान नहीं हो सके। हत्या के एक सप्ताह बाद जयप्रकाश का शव चौरी थाना क्षेत्र के बेरथ पुल के पास नहर किनारे से बरामद हुआ था। बर्थ मार्क से शव की पहचान उनके बेटे चंदन ने की थी। चंदन ने इस मामले में विधायक मनोज मंजिल सहित 23 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कराया था

फरवरी 2024 को आरा कोर्ट ने सुनाई थी सजा

लंबे चले मुकदमे, गवाहों की गवाही और पुलिस अनुसंधान के बाद, आरा सिविल कोर्ट के एडीजे-3 ने मनोज मंजिल समेत 23 लोगों को फरवरी 2024 में दोषी पाते हुए सजा सुनाई थी। IPC 302/149 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार का जुर्माना, IPC 364 के तहत 3 साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना, IPC 301 के तहत 3 साल की सजा और 5 हजार का जुर्माना लगाया गया था। कुल मिलाकर प्रत्येक आरोपी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया। एक आरोपी की मौत पहले ही हो चुकी थी