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म्यूनिख: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले सप्ताह म्यूनिख में G4 देशों की एक अहम बैठक में हिस्सा लिया। जर्मनी में आयोजित यह बैठक म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन-2026 से इतर हुई है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर चर्चा हुई। जयशंकर ने दूसरे G4 देशों- जापान, जर्मनी और ब्राजील- के अपने समकक्षों के साथ बैठक की फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया वर्ल्ड ऑर्डर में बढ़ती अस्थिरता के बीच संयुक्त राष्ट्र को एक जरूरी निभाते रहना चाहिए। इस बैठक के साथ ही G4 समूह को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस समूह के बारे में जानते हैं लेकिन पहले एक नजर बैठक में हुई चर्चा पर डाल लेते हैंं।

जापान के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में बताया कि यह बैठक लगभग 50 मिनट तक चली, जिसमें जापानी विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु, म्यूनिख के अपने दौरे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर G4 देशों के विदेश मंत्रियों के वर्किंग डिनर में शामिल हुए। इसमें कहा गया कि G4 सहयोगी इस बात पर सहमत हुए कि वे मौजूदा सत्र के दौरान सुरक्षा परिषद के मौजूदा स्थायी सदस्यों और अफ्रीकी देशों समेत संबंधित देशों के साथ काम करते हुए ठोस नतीजे हासिल करने का लक्ष्य रखेंगे।

UNSC में सुधार की अपील

समूह ने संयुक्त राष्ट्र की 80वीं सालगिरह से पहले इस वैश्विक संस्था में जरूरी सुधार की अपील की ताकि इसे पुराना होने से बचाया जा सके। G4 ने अफ्रीका की स्थिति के लिए अपना लगातार समर्थन जताया। बैठक में भारत ने साफ संदेश दिया कि वह रणनीतिक स्वायत्तता के लिए प्रतिबद्ध है और अपने फैसले स्वतंत्र होकर करेगा।

क्या है G4 समूह?

G4 दुनिया भारत समेत 4 देशों का समूह है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में महत्वपूर्ण सुधारों पर एक साथ हैं। इन सुधारों में UNSC की स्थायी सदस्यता का विस्तार भी शामिल है। G4 देश सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की कोशिशों का समर्थन कर रहे हैं। आम तौर पर इसके सदस्य सालाना तौर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान मिलते हैं। इस बार म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के इतर यह इनकी पहली बैठक है।

UNSC में सुधार की क्यों जरूरत?

  • सुरक्षा परिषद की बनावट अभी भी दूसरे विश्व युद्ध के बाद के वर्ल्ड ऑर्डर की असलियत दिखाई है, लेकिन दुनिया का पावर बैलेंस आज काफी बदल गया है।
  • दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश भारत और ब्राजील जैसे बड़े देश का अभी भी परिषद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
  • इसके अलावा सुदूर पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका जैसे इलाकों का सुरक्षा परिषद में कोई स्थायी सदस्य का प्रतिनिधित्व नहीं है।
  • आर्थिक रूप से जर्मनी, भारत और जापान दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और संयुक्त राष्ट्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
  • मिलिट्री के मामले में भारत और जापान दुनिया में चौथे और सातवें नंबर पर हैं। भारत UN मिशन में सभी 5 स्थायी सदस्यों को मिलाकर भी ज्यादा पीसकीपर भेजता है, लेकिन उसका स्थायी प्रतिनिधित्व नहीं है।

G4 के जवाब में पाकिस्तान का कॉफी क्लब

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की भारत के साथ G4 की एकजुटता ने पाकिस्तान को असहज कर दिया है। पाकिस्तान ने इसके खिलाफ एक अनौपचारिक समूह बनाया है, जिसे काफी क्लब के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान के साथ इस कॉफी क्लब में इटली, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल हैं। इसके विरोध में पाकिस्तान एक ऐसे मॉडल का समर्थन करता है, जिसमें नए स्थायी सदस्य बनाए बिना ग्लोबल साउथ के लिए प्रतिनिधित्व बढ़ाता है। पाकिस्तान का कहना है कि G4 देश सभी के लिए सुधार के बजाय कुछ लोगों के लिए खास अधिकार की चाहत रखते हैं, जो UNSC में सुधार की राह में सबसे बड़ी बाधा है।