रियाद: सऊदी अरब अगर ईरान के खिलाफ लड़ाई में उतरा तो पाकिस्तान को मदद के लिए बुलाएगा। इतना ही नहीं पाकिस्तान के न्यूक्लियर अंब्रेला का भी सऊदी अरब इस्तेमाल करेगा। सऊदी अरब के राजनीतिक विश्लेषक सलमान अल अंसारी ने यह दावा किया है। उन्होंने ईरान को सऊदी अरब के खिलाफ हमले नहीं करने के लिए चेताया है। उनका यह बयान ईरान की ओर से सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने से जुड़े सवाल पर आया है।
सलमान अल-अंसारी से सीबीसी के एक इंटरव्यू में ईरान की ओर से सऊदी पर हुए हमलों को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि रियाद में इस मुद्दे पर बहुत नाराजगी है। सऊदी अरब ने अगर ईरान के साथ युद्ध में उतरने का फैसला लिया तो वह पाकिस्तान के साथ अपने द्विपक्षीय रक्षा समझौते को सक्रिय कर देगा। यानी पाकिस्तान को भी वह अपने साथ लड़ाई में शामिल करेगा।’
पाकिस्तान का न्यूक्लियर अंब्रेला
सलमान ने कहा, ‘सऊदी अरब ने अभी तक संयम बरता है। सऊदी अरब के इस लड़ाई में शामिल होने का कोई एक स्पष्ट जवाब नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो फिर ईरान निश्चित रूप से सबसे बड़ा नुकसान उठाएगा। सऊदी अरब अपने साथ पाकिस्तान को शामिल करेगा और उसके न्यूक्लियर अंब्रेला (परमाणु हथियार संपन्न देश की ओर से अपने गैर-परमाणु संपन्न सहयोगी को सुरक्षा) का भी इस्तेमाल करेगा।सलमान अल अंसारी ने कहा कि सऊदी अरब के ऊपर परमाणु सुरक्षा कवच (न्यूक्लियर अंब्रेला) मौजूद है। इसे निश्चित तौर पर ईरान को चेतावनी की तरह लेना चाहिए। ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हमलों जवाब में सऊदी अरब में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। इसको लेकर कई बार आक्रामक बातें की गई हैं। हालांकि अभी तक सऊदी ने अपनी प्रतिक्रिया सिर्फ बयानों तक समित रखी है।
सऊदी अरब-पाकिस्तान का रक्षा समझौता
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पिछले साल सितंबर में रक्षा समझौता हुआ है। इस स्ट्रेटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट में दोनों देशों ने एक-दूसरे से वादा किया है कि किसी भी देश पर किसी भी हमले को दोनों के खिलाफ हमला माना जाएगा। यानी अगर सऊदी पर हमला होता है और वह जंग शुरू करता है तो पाकिस्तान भी उसकी ओर से लड़ेगा।
असीम मुनीर का सऊदी दौरा
पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख असीम मुनीर ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सऊदी अरब का दौरा कर चुके हैं। इस महीने के पहले हफ्ते में मुनीर ने सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से मुलाकात की थी। प्रिंस सलमान ने मुलाकात के बाद कहा था कि उनका मुनीर से मिलने का मकसद उन हमलों को रोकने के उपायों पर चर्चा करना था, जो क्षेत्र को अस्थिरता कर रहे हैं।



