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मेरठ: कपसाड़ गांव से जुड़ा पारस सोम–रूबी जाटव मामला अब सिर्फ एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि हत्या, अपहरण और साजिश के गंभीर आरोपों के बीच उलझता जा रहा है। जेल में पारस सोम ने अपने वकीलों के सामने जो कहानी बताई है, वह पुलिस और पीड़ित परिवार के आरोपों से बिल्कुल उलट है।

गुरुवार को अधिवक्ता संजीव राणा, बलराम सोम समेत चार वकील जेल में पारस सोम से मिले। NBT ऑनलाइन से हुई बातचीत में अधिवक्ता बलराम सोम ने बताया कि पारस सोम और रूबी जाटव पिछले तीन वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। फरवरी 2024 में रूबी के भाई मनदीप की शादी के दौरान घुड़चढ़ी में दोनों की दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। उस समय रूबी इंटरमीडिएट की छात्रा थीं और पारस हाईस्कूल में पढ़ रहा था। दोनों की मुलाकातें बढ़ीं। फोन और वॉट्सऐप पर बातचीत होती रही। इसी बीच दोनों के परिवारों को इस रिश्ते की भनक लग गई।

दोनों पक्षों में हुआ था समझौता

परिवारों की आपत्ति के बाद 10 सितंबर 2024 को रूबी के भाई नरसी जाटव ने पुलिस चौकी में शिकायत दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया कि पारस अब रूबी से कोई संपर्क नहीं करेगा। कुछ समय तक बातचीत बंद भी रही, लेकिन जब रूबी का रिश्ता तय हुआ और 12 अप्रैल को उसकी शादी की तारीख तय कर दी गई, तब पारस फिर से उसके संपर्क में आ गया। पारस का दावा है कि इसी दबाव में उसने रूबी के साथ गांव से भागने की योजना बनाई।

लगातार ट्रेन में सफर करते रहे दोनों

अधिवक्ताओं के अनुसार, पारस ने रूबी को बताया कि वह उससे आज भी प्यार करता है। पारस का दावा है कि रूबी अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी, उसने न तो अपहरण किया और न ही कोई जबरदस्ती की। उसका कहना है कि सकौती स्टेशन पर पुलिस ने दोनों को टोका भी था, लेकिन बाद में वे दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार होकर निकल गए और लगातार ट्रेन में ही सफर करते रहे।

प्‍यार था तो मां की हत्‍या क्‍यों की: रूबी का भाई

दूसरी ओर, रूबी के भाई नरसी जाटव ने पारस के सभी दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह प्रेम नहीं, बल्कि बचने की साजिश है। नरसी का सीधा सवाल है कि अगर पारस रूबी से प्यार करता था, तो उसकी मां सुनीता की हत्या क्यों की? परिवार का आरोप है कि पारस ने तमंचा दिखाकर रूबी को अगवा किया। रूबी ने भी अदालत में बयान दिया है कि उसे डराकर साथ ले जाया गया।

हरिद्वार से पकड़े गए रूबी और पारस

पुलिस के मुताबिक, 8 जनवरी को खेत जाते समय सुनीता की हत्या कर पारस रूबी को अगवा कर ले गया था। इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग ले बैठा। सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने युवती की बरामदगी को लेकर प्रदर्शन किए। तीसरे दिन पुलिस ने हरिद्वार के चूडियाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से पारस को गिरफ्तार कर रूबी को सुरक्षित बरामद किया। कोर्ट में बयान के बाद रूबी को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि पारस को जेल भेज दिया गया।

रूबी के घर के बाहर 24 घंटे पुलिस

सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि पारस को जल्द ही पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि हत्या में प्रयुक्त फरसा और तमंचे की बरामदगी की जा सके। वहीं, पारस के अधिवक्ताओं ने उसके नाबालिग होने की अर्जी भी अदालत में दाखिल की है, जिस पर फिलहाल कोई रिपोर्ट तलब नहीं की गई है। फिलहाल रूबी की सुरक्षा के लिए उसके घर आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाकर चौबीसों घंटे महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।