बर्लिन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी पर भारतीय संविधान को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। राहुल ने कहा- बीजेपी संविधान की उस मूल भावना को खत्म करना चाहती है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देती है।
राहुल 17 से 19 दिसंबर तक जर्मनी दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान 18 अक्टूबर को उन्होंने बर्लिन स्थित हर्टी स्कूल में छात्रों को संबोधित किया था। कांग्रेस ने सोमवार रात इस बातचीत का एक घंटे लंबा वीडियो जारी किया। वीडियो में राहुल ने कहा,
बीजेपी राज्यों की समानता, भाषाओं की समानता और धर्मों की समानता के विचार को खत्म करने की बात कर रही है। बीजेपी ने देश की संस्थाओं पर भी पूरा कब्जा कर लिया है

राहुल ने कहा- लोकतांत्रिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। CBI और ED जैसी एजेंसियों का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एजेंसियां सिर्फ विपक्षी नेताओं पर केस दर्ज कर रही हैं, भाजपा नेताओं पर कोई दर्ज नहीं किया जाता।
हम सिर्फ बीजेपी से नहीं लड़ रहे, हम उनके भारतीय संस्थागत ढांचे और एजेंसियों पर कब्जे के खिलाफ भी लड़ रहे हैं।
भाजपा बोली- राहुल गांधी की कांग्रेस अराजकता चाहती है
राहुल के बयान पर बीजेपी ने मंगलवार को उन पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा- राहुल विदेश जाते हैं, भारत को बदनाम करते हैं, झूठ बोलते हैं। वे लीडर ऑफ अपोजिशन नहीं, बल्कि लीडर ऑफ प्रोपेडंगा हैं। उन्होंने जर्मनी में चीन तरक्की कर रहा है। चीन की प्रशंसा करो, भारत को बदनाम करो, यही अब राहुल गांधी की पहचान बन गई है।"
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल और कांग्रेस भारतीय लोकतंत्र में अराजकता और अशांति फैलाना चाहते हैं। प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा, ‘राहुल गांधी कहते हैं कि लोग आपस में लड़ेंगे, भारत असफल हो जाएगा। क्या भारत से प्रेम करने वाला कोई व्यक्ति भारत को असफल होते देखना चाहेगा?
राहुल ने कहा था- RSS के लिए सच्चाई नहीं, शक्ति जरूरी
इससे पहले उनके हर्टी स्कूल में चर्चा की कुछ जानकारी 18 दिसंबर को सामने आई थी। इसमें राहुल ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की आलोचना की थी। राहुल ने कहा था- संघ प्रमुख खुले तौर पर कह रहे हैं कि सच्चाई का कोई महत्व नहीं है, शक्ति महत्वपूर्ण है। यही उनमें और हममें अंतर है।
जर्मनी के तीन दिन के दौरे पर थे राहुल
राहुल गांधी प्रोग्रेसिव अलायंस के आमंत्रण पर तीन दिन के दौरे पर 17 दिसंबर को जर्मनी पहुंचे थे। ये अलायंस दुनियाभर की 117 प्रगतिशील राजनीतिक पार्टियों का एक प्रमुख समूह है। राहुल ने पहले दिन म्यूनिख स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी BMW के मुख्यालय का दौरा भी किया था। यहां उन्होंने विभिन्न कारों और मोटरसाइकिलों के बारे में जानकारी ली।



