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दुबई: ईरान की अमेरिका और इजरायल से चल रही लड़ाई में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी कूद सकता है। यूएई कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य मदद की तैयारी में है। यूएई चाहता है कि बलपूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य का कंट्रोल ईरान से लेते हुए इस समुद्री गलियारे को खोला जाएग। यूएई अगर ईरान के खिलाफ इस जंग में कूदता है तो वह ऐसा करने वाला खाड़ी का पहला देश बन जाएगा।

वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित कराने के लिए पैरवी कर रहा है, जो इस तरह की कार्रवाई को अधिकृत करेगा। यूएई के एक अधिकारी ने कहा कि अमीराती राजनयिकों ने अमेरिका, यूरोप और एशिया की सैन्य शक्तियों से होर्मुज में सेना भेजकर इसे बलपूर्वक खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने का आग्रह किया है।

ट्रंप ने दिए जंग से निकलने के संकेत

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले दो से तीन हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान बंद करने की बात कही है। ट्रंप ने यह संकेत भी दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्होंने सहयोगियों से कहा है कि वे अमेरिका से तेल खरीदें या खुद इस जलडमरूमध्य को खोलें।

ईरान युद्ध में होर्मुज स्ट्रेट एक अहम केंद्र बिंदु बना हुआ है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने इस समुद्री रूट को बंद कर दिया है। इसके बंद होने से यूएई और दूसरे खाड़ी देशों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। खाड़ी के देश इसी जलडमरूमध्य के रास्ते तेल और गैस का निर्यात दुनियाभर में करते हैं।

ईरान पर क्यों भड़का है यूएई

यूएई को उन चुनिंदा मुस्लिम बाहुल्य देशों में गिना जाता है, जिसके इजरायल से काफी अच्छे संबंध हैं। वहीं ईरान से यूएई के रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं। ये तनाव हालिया दिनों में काफी ज्यादा बढ़ गया है। ईरान में युद्ध शुरू होने यानी 28 फरवरी के बाद यूएई की तेहरान से नाराजगी बढ़ने क दो अहम वजह हैं।

ईरान ने एक तरफ होर्मुज स्ट्रेट को बंद करते हुए यूएई को आर्थिक झटका दिया है क्योंकि देश की माली हालत तेल-गैस के निर्यात पर निर्भर है। दूसरी ओर ईरान ने यूएई स्थित अमेरिका के आर्मी बेस और दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे यूएई के बड़े शहरों में एक डर और अस्थिरता की स्थिति पैदा हो रही है।

यूएई का अमेरिका पर दबाव

हालिया दिनों में कई ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं, जो कहती हैं कि खाड़ी देश खासतौर से यूएई की ओर से अमेरिका पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का दबाव डाला जा रहा है। यूएई की ओर से ईरान की सैन्य क्षमता खत्म करने के लिए जमीनी हमला करने की मांग की गई है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि यूएई युद्ध में शामिल हो सकता है।