Spread the love

नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने के कारण 45 अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित होगा। सबसे खराब स्थिति की बात करें तो भारत का ट्रेड सरप्लस, ट्रेड डेफिसिट में बदल जाएगा। यह कहना है SBI रिसर्च का। टैरिफ कूटनीति को लेकर जारी SBI रिसर्च के अनुसार ट्रेड निगोशिएशन से विश्वास बहाल होगा और अमेरिका को निर्यात में सुधार होगा।

रिसर्च के अनुसार हाई टैरिफ के बीच, भारत के प्रोडक्ट्स प्रतिस्पर्धात्मकता खो सकते हैं। इससे चीन और वियतनाम जैसे देशों को संभावित रूप से लाभ हो सकता है, क्योंकि भारत पर लगाया गया टैरिफ अन्य एशियाई देशों जैसे चीन (30%), वियतनाम (20%), इंडोनेशिया (19%), और जापान (15%) की तुलना में भी अधिक है।

किसे है सबसे ज्यादा खतरा

SBI रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका रत्न और आभूषण क्षेत्र का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है, जो इस क्षेत्र के 28.5 अरब डॉलर के वार्षिक शिपमेंट का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। अमेरिकी टैरिफ 25% से बढ़कर 50% हो जाने के कारण निर्यातक बड़े व्यवधान की आशंका से जूझ रहे हैं। वहीं झींगा निर्यातक, जो अपना आधे से ज्यादा उत्पादन अमेरिका भेजते हैं, हाई टैरिफ लागू होने पर भारी नुकसान और ऑर्डर रद्द होने का डर सता रहा है।