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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को फिर अपने इस दावे को दोहराया कि उन्होंने कई अन्य युद्धों की तरह पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रुकवाया था। ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ)की वार्षिक बैठक में अपने विशेष संबोधन में यह भी कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की आवश्यकता है। उन्होंने इसे भूमि नहीं बल्कि बर्फ का एक विशाल टुकड़ा बताया। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका, चीन और रूस के बीच स्थित है और इसलिए हमें रणनीतिक कारणों से इसकी आवश्यकता है, न कि बर्फ के नीचे दबे दुर्लभ खनिजों की विशाल मात्रा के लिए।

ट्रंप ने दावोस में क्या कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने लोगों से खचाखच भरे सभागार में अपने भाषण की शुरुआत उपस्थित ‘‘बहुत सारे दोस्तों’’ और ‘‘कुछ दुश्मनों’’ का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने यूरोप, नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन), स्वच्छ ऊर्जा के समर्थकों और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों, जिनमें ‘‘नींद में डूबे’’ जो बाइडन भी शामिल हैं, पर तीखा हमला किया।

80 से अधिक बार दावा कर चुके हैं ट्रंप

ट्रंप ने पिछले साल 10 मई के बाद से अबतक 80 से अधिक बार भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष रुकवाने का श्रेय लेने की कोशिश की है। उनका दावा है कि अमेरिका की मध्यस्थता वाली बातचीत के बाद दोनों पड़ोसी ‘‘पूर्ण और तत्काल’’ सैन्य संघर्ष रोकने पर सहमत हो गए थे। भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार किया है।

मई 2025 में हुआ था भारत-पाकिस्तान संघर्ष

भारत ने पिछले साल छह-सात मई की दरमियानी रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया था। यह कदम 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बदले के रूप में उठाया गया था जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे।

चार दिन बाद भारत-पाकिस्तान में हुआ था समझौता

चार दिनों तक सीमा पार ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद, भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य संघर्ष को रोकने के लिए एक समझौते पर सहमत हुए। भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष को रोकने पर सहमति दोनों पक्षों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी।