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हैदराबाद: तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने सीएनजी और ऑटो एलपीजी की सप्लाई में कथित रुकावटों को लेकर चिंता जताई है। यूनियन का दावा है कि फिलिंग स्टेशनों पर हो रही अनियमितताओं का असर कई शहरों के ड्राइवरों पर पड़ रहा है।

अफवाहों के कारण लग रहीं लंबी कतारें

यूनियन ने अपने एक बयान में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। बताया जा रहा है कि अचानक ईंधन की कमी की अफवाहों के कारण लंबी कतारें लग गई हैं और कई आउटलेट्स का स्टॉक कुछ ही घंटों में खत्म हो गया है।

ऑटो-रिक्शा और कैब चालक सबसे ज्यादा प्रभावित

यूनियन के अध्यक्ष शेख सलाहुद्दीन ने कहा कि ऑटो-रिक्शा चालक और ऐप-आधारित कैब ऑपरेटर सबसे ज्यादा प्रभावित लोगों में से हैं, क्योंकि इनमें से कई लोग अपने रोजाना के काम-काज के लिए पूरी तरह से सीएनजी पर निर्भर हैं। ड्राइवरों को अपने वाहनों में सीएनजी भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके काम करने का समय और उनकी कमाई कम हो गई है। इस वजह से उन लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है जो अपनी रोजाना की कमाई पर निर्भर हैं।

ईंधन की सप्लाई रोकने से कालाबाजारी बढ़ रही

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सप्लाई चेन ऑपरेटर और फिलिंग स्टेशन ईंधन की सप्लाई रोक रहे हैं। इस वजह से जान-बूझकर कमी पैदा की जा रही है और कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर यह भरोसा दिलाया गया है कि कुल मिलाकर ईंधन की कोई कमी नहीं है।

जानिए यूनियन ने केंद्र सरकार से क्या अपील की

यूनियन ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह ईंधन की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करे, जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और स्टोरेज सेंटरों तथा स्टेशनों पर अचानक निरीक्षण करे। इसके अलावा, यूनियन ने मांग की है कि स्थिति पर नजर रखने और शिकायतों का समाधान करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों वाली समन्वय समितियां बनाई जाएं।