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भोपाल। गर्मियों की छुट्टियों को देखते हुए लोगों ने पहले से ही उत्तराखंड, गोवा और हिल स्टेशनों की बुकिंग करा ली है। ऐसे में अगर शहर के लोग भी इन जगहों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ट्रेनों की मौजूदा स्थिति जान लेना जरूरी है। 1 मई से 14 जून तक ज्यादातर ट्रेनों में स्लीपर और थर्ड एसी में लंबी वेटिंग और कई जगह ‘रीग्रेट’ जैसी स्थित बनी हुई है। जबकि इंडियन रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त कोच जोड़ने के बावजूद कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल बना हुआ है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है।

ये है ट्रेनों की स्थिति

स्थिति यह है कि 2 महीने पहले बुकिंग कराने के बावजूद यात्रियों को कंफर्म सीट नहीं मिल पा रही। उत्तराखंड रूट पर 30 मई तक स्लीपर और 3एसी में भारी वेटिंग बनी हुई है, जबकि अन्य क्लास में भी वेटिंग 20 के पार पहुंच गई है। गोवा रूट पर 1 मई से 14 जून तक सभी क्लास फुल हैं और वेटिंग/रीग्रेट का दबाव बना हुआ है। मुंबई रूट पर भी मई भर यही स्थिति बनी हुई है। वहीं, मनाली और ऊटी जैसे हिल स्टेशनों के लिए जाने वाली ट्रेनों में भी स्लीपर और 3एसी में ‘रीग्रेट’ और अन्य क्लास में 20 से 50 तक वेटिंग देखी जा रही है।

एजेंट और तत्काल पर बढ़ी निर्भरता

कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण कई यात्री अपनी ट्रिप कैंसिल करने को मजबूर हो रहे हैं। जो यात्रा करना चाहते हैं, वे अब एजेंट और तत्काल टिकट पर निर्भर हो गए हैं, जहां टिकट मिलना मुश्किल और महंगा दोनों हो गया है। इससे परिवार के साथ बनाए गए प्लान भी प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को निराशा झेलनी पड़ रही है।

स्पेशल ट्रेनों के बाद भी राहत नहीं

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं और कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि इन उपायों का असर सीमित नजर आ रहा है। अधिकांश रूट्स पर वेटिंग क्लियर होने की संभावना कम है।

यात्रियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव

ट्रेन में सीट न मिलने से बस और फ्लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है, जिनके किराए में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ के कारण होटल और अन्य सुविधाएं भी महंगी हो गई हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए यात्रा करना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण और खर्चीला हो गया है।