बाड़मेर: सीमावर्ती जिलों में पिछले दिनों ओरण बचाओ आंदोलन चलाया गया था। इसका नेतृत्व निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने किया। ग्राम पंचायतों में पशुओं के चरने के लिए काम आने वाली सरकारी जमीन को बचाने के लिए विधायक भाटी ने लंबा आंदोलन चलाया। जमीन बचाने के लिए वे सरकार और प्रशासन से लड़ते रहे। उनकी इस मुहीम में हजारों लोग भी शामिल हुए। रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर आंदोलन पर उतर आए हैं। इस बार वे बाड़मेर में खेजड़ी बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
पर्यावरणीय अपराध कर रही है सोलर कंपनियां
बाड़मेर जिले के बरियाड़ा गांव के आसपास सोलर कंपनियां प्लांट लगाने के लिए पेड़ों की कटाई कर रही है। बरियाड़ा और खोडाल गांव के किसानों ने खेजड़ी और अन्य वृक्षों की कटाई को अवैध बताते हुए विरोध शुरू किया। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी कंपनियों की ओर से पेड़ों की कटाई की गई तो शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ग्रामीणों के समर्थन में उतर गए। भाटी ने कहा कि पेड़ों की अवैध रूप से कटाई करना पर्यावरणीय अपराध है। सोलर कंपनियां कानून और शासन व्यवस्था का खुला उलंघन कर रहे हैं। सरकारी अधिकारी मूक दर्शक बने हुए हैं। सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।



