नई दिल्ली: कर्मचारियों को काम करने में वहां मजा आता है जहां उनकी पूछ हो। समय समय पर उन्हें इंसेंटिव मिले। साल में एक बार बोनस मिले। कंपनी यदि लिस्टेड हो तो कार्यावधि के दौरान बेहद कम कीमत पर कर्मचारियों को शेयर (ESOP) भी दे। अभी वेदांता लिमिटेड खबरों में है, क्योंकि उन्होंने सैकड़ों रुपये का शेयर अपने कर्मचारियों को महज एक रुपया में दे दिया है। पांच साल में यह कंपनी कर्मचारियों को करीब 2,500 करोड़ शेयर बांट चुकी है।
पांच साल में 2,500 करोड़ शेयर बांटे
अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाले वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने पिछले पांच सालों में अपने कर्मचारियों को करीब 2,500 करोड़ शेयर एक रुपया में बांट दिए। मतलब कि कर्मचारियों को ढेरों फायदा। यह फायदा उन्हें बहुत ही कम कीमत पर कंपनी के शेयर (Stock Option) देकर हुआ है। इस तरीके से कंपनी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सैलरी देने के तरीकों को बदल रही है। कंपनियां इसलिए भी कर्मचारी को शेयर देती है ताकि उसे लगे कि वह भी कंपनी का हिस्सेदार या मालिक है। इससे उन्हें आर्थिक लाभ तो होता ही है, एक अलग अहसास भी होता है, कंपनी के मालिक होने का।
एक रुपया में मिला 675 रुपये का शेयर
बीएसई में आज वेदांता लिमिटेड का शेयर सुबह 11 बजे 675 रुपये पर ट्रेड हो रहा था। लेकिन कंपनी ने अपने कर्मचारियों को यह शेयर फेस वैल्यू पर, मतलब कि एक रुपया में दिया है। कंपनी ने बताया है कि उनके नए ESOP 2025 प्लान के तहत करीब 5,000 कर्मचारियों को 500 करोड़ शेयर दिए गए। इस योजना के तहत लाभान्वित होने वाले कर्मचारियों में नए ग्रेजुएट से लेकर तमाम स्टाफ शामिल हैं। इनमें से 1200 कर्मचारी तो पहली बार कंपनी के शेयरधारक बने हैं। इससे एक साल पहले यानी 2024 में भी 5000 से भी ज्यादा कर्मचारियों को 469 करोड़ शेयर दिए गए थे।
अन्य कंपनियों से अलग
वेदांता लिमिटेड का ESOP का तरीका बाकी भारतीय कंपनियों से अलग है। ज्यादातर कंपनियां सिर्फ बड़े अधिकारियों को ही शेयर देती हैं। लेकिन वेदांता के ESOP प्लान में कंपनी के करीब 40% छोटे कर्मचारी शामिल हैं। इनमें प्लांट में काम करने वाले, अलग-अलग विभागों के लोग और हर स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। नए ग्रेजुएट और करियर की शुरुआत करने वाले कर्मचारियों को उनकी फिक्स्ड सैलरी का 30% हिस्सा तक शेयर मिल सकता है। यह किसी बड़े ग्रुप के लिए बहुत ही अनोखी बात है।



