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दावोस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया में नियम आधारित व्यवस्था को बर्बाद करने पर लगे हुए हैं। इसकी जगह वे वर्ल्ड ऑर्डर को ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ की तरफ धकेल रहे हैं। लेकिन ट्रंप की इस मनमानी के खिलाफ उनके सहयोगियों ने मोर्चा खोल दिया है। इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप को करारा जवाब दिया है। अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के बारे में अपना आकलन पेश करते हुए कहा कि अमेरिका के दौर वाली वैश्विक व्यवस्था का दौर अब खत्म हो गया है। कनाडाई प्रधानमंत्री ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से यह बात कही है।

कार्नी ने कहा, ‘मैं सीधे-सीधे कहता हूं। हम बदलाव के दौर में नहीं, बल्कि एक बड़े बदलाव के बीच में हैं। पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आने वाली है।’ हालांकि, कार्नी ने अमेरिका या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने सीधे अमेरिकी दबदबे की तरफ इशारा किया। उन्होंने तर्क दिया कि बड़ी शक्तियां अब उसी आर्थिक एकीकरण को हथियार बना रही हैं जिसने कभी साझा समृद्धि का वादा किया था।

नियम आधारित व्यवस्था को बताया झूठ

कार्नी ने कहा, ‘हम जानते थे कि इंटरनेशनल नियमों पर आधारित व्यवस्था की कहानी आंशिक रूप से झूठी थी। सबसे ताकतवर देश जब चाहें खुद को नियमों से छूट देते थे। व्यापार नियमों को असमान रूप से लागू किया जाता था। अंतरराष्ट्रीय कानून आरोपी और पीड़ित पर अलग-अलग तरह से लागू होता था।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि ‘यह झूठ फायदेमंद था और दशकों तक इसी व्यवस्था से कनाडा जैसे देश समृद्ध हुए। अमेरिकी दबदबे ने सार्वजनिक सुविधाएं देने में मदद की, लेकिन अब यह सौदा काम नहीं कर रहा है।’

कार्नी ने दी दुनिया को चेतावनी

कार्नी ने चेतावनी दी कि आर्थिक एकीकरण का इस्तेमाल तेजी से जबरदस्ती के एक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, बड़ी ताकतों ने आर्थिक इंटीग्रेशन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। टैरिफ को दबाव बनाने के लिए, वित्तीय ढांचे को जबरदस्ती के लिए और सप्लाई चेन को कमजोरियों के तौर पर जिनका फायदा उठाया जा सके। इससे वैश्वीकरण के जरिए आपसी फायदे की मूल बात ही कमजोर हो रही है।