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कोरबा, कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम गोढ़ी के किसान  डर्मेंद्र कुमार डहरिया आधुनिक सुविधाओं और सरकार की किसान हितैषी व्यवस्था से संतुष्ट नज़र आते हैं। उन्होंने इस वर्ष लगभग 7 से 8 एकड़ भूमि में धान की फसल ली। उनके खेत में सिंचाई की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है, जहां बोर के माध्यम से नियमित सिंचाई होती है।

इस वर्ष  डहरिया ने नकटीखार स्थित धान उपार्जन केंद्र में कुल 59 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि धान बेचने के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई। पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 63 क्विंटल धान बेचा था, और तब की तुलना में इस बार व्यवस्था और भी बेहतर रही। किसान का कहना है कि वर्तमान में धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। केंद्र पर पहुंचने के बाद लंबी कतारों में खड़े होने की मजबूरी नहीं है। टोकन तुंहर हाथ एप्लीकेशन के माध्यम से किसान आसानी से टोकन कटवा लेते हैं और अपनी सुविधा अनुसार तय दिन पर धान विक्रय कर सकते हैं।  डहरिया ने यह भी बताया कि धान बेचने के कुछ ही दिनों के भीतर भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो जाता है, जिससे बैंक के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। सरल, पारदर्शी और त्वरित भुगतान व्यवस्था ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई इन सुविधाओं से किसान न केवल संतुष्ट हैं, बल्कि खुश भी हैं। डर्मेंद्र कुमार डहरिया की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि सुव्यवस्थित धान उपार्जन प्रणाली किस प्रकार किसानों के जीवन को आसान और समृद्ध बना रही है।