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नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताबी मुकाबला ड्रॉ रहा। टॉस जीतने के बाद जम्मू और कश्मीर ने पहले बैटिंग करने का फैसला किया। टीम ने अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए। कर्नाटक की टीम 293 रनों पर ऑलआउट हो गई। जम्मू कश्मीर ने 4 विकेट पर 342 रन बनाए। इसके बाद भी जम्मूी कश्मीर की टीम रणजी ट्रॉफी की चैंपियन बन गई।

ड्रॉ मैच में कैसे हुआ चैंपियन का फैसला

रणजी ट्रॉफी फर्स्ट क्लास फॉर्मेट में खेला जाता है। इसमें मैच ड्रॉ होने की संभावना पूरी होती है। ड्रॉ होने की स्थिति में बीसीसीआई की नियम के अनुसार पहली पारी में बढ़त लेने वाली टीम चैंपियन बनती है। जम्मू और कश्मीर ने पहली पारी में 291 रनों की बढ़त बनाई थी। उसी समय तय हो गया था कि अगर मैच का नतीजा नहीं निकला है तो जम्मू कश्मीर का खाते में रणजी ट्रॉफी का खिताब जाएगा।

कर्नाटक की टीम फॉलोऑन हासिल नहीं कर पाई। जम्मू और कश्मीर ने फॉलोऑन देने के बजाय दोबारा बैटिंग करने का फैसला किया। मैच के 5वें और अंतिम दिन जम्मू कश्मीर ने जब तक अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए थे, तब दोनों कप्तान ड्रॉ के लिए सहमत हो गए।

दूसरी पारी में कामरान और साहिल ने शतक ठोके

जम्मू कश्मीर ने सुबह अपनी दूसरी पारी चार विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई। कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने कर्नाटक को एक भी सफलता हासिल नहीं करने दी और नाबाद शतक लगाए। जब मैच ड्रॉ करने पर सहमति बनी उस समय सुबह अपनी पारी 94 रन से आगे बढ़ाने वाले इकबाल 160 और लोत्रा 101 रन पर खेल रहे थे। लोत्रा ने सुबह अपनी पारी 16 रन से आगे बढ़ाई थी। इस तरह से जम्मू कश्मीर में अपनी कुल बढ़त 633 रन कर दी थी। यह जम्मू कश्मीर का पहला रणजी ट्रॉफी खिताब है, जो इस टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। जम्मू कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी जीतने का 67 साल का लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया।