भोपाल: रोजगार का लालच देकर हिंदू युवतियों को भाईयों और प्रेमियों के सामने परोसकर मतांतरण करवाने वालीं जिहादी बहनों के मोबाईल से निकले सबूतों ने पुलिस जांच की दिशा मोड़ दी है। कट्टरपंथी बहनें बीते करीब चार साल से शहर में स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट चलाती थीं।
इसके लिए वे भोली-भाली जरूरतमंद हिंदू युवतियों को ढूंढतीं, उनकी मददगार बनकर विश्वास जीततीं। फिर महंगी जीवनशैली के सपने दिखातीं, उन्हें क्लब-पब ले जातीं और एमडी ड्रग देकर अपने भाई-प्रेमियों के सामने सौंपतीं। हिंदू युवतियां-महिलाएं जब पूरी तरह इनके चंगुल में फंस जातीं तो मतांतरण का दबाव बनाने लगतीं और फिर उनका जीवन पूरी तरह से बर्बाद करने के लिए जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल देतीं।
बागसेवनिया पुलिस को आरोपी अमरीन उसकी छोटी बहन आफरीन और प्रेमी चंदन यादव (मुस्लिम युवक) के मोबाइल से सेक्स रैकेट के वाट्सएप ग्रुप मिले हैं। इनमें आरोपितों युवतियों का संपर्क भोपाल के अलावा अहमदाबाद और बैंगलुरू के क्लाइंट्स से भी दिखा है। जिहादी बहनें इस रैकेट में सिर्फ हिंदू युवती- महिलाओं को जोड़ती थीं और उन्हें अलग-अलग शहरों में सप्लाई किया जाता था।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल की जांच अभी जारी है। वहीं एक पुलिस टीम अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अहमदाबाद रवाना हो चुकी है। मंगलवार को कोर्ट में दोनों पीड़िताओं के बयान दर्ज किए गए हैं।
पीड़िता बोली- गिरोह में आधा दर्जन लोग शामिल दुष्कर्म, धर्मांतरण के सनसनीखेज गिरोह के उजागर होने के बाद पहली बार एक पीड़िता सामने आई और उन्होंने नवदुनिया से चर्चा करते हुए गिरोह को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
पीड़िता ने बताया कि इस पूरे गिरोह में आधा दर्जन से ज्यादा लोग शामिल हैं। जिनका अलग-अलग काम है।अमरीन और आफरीन जिन युवतियों को पहले मतांतरित करवा चुकी हैं, वे गरीब और परेशान हिंदू युवती-महिलाओं को ढूंढती हैं और काफी सहज और सरल स्वभाव से उनकी हर मदद करती हैं।
इसके बाद वे अमरीन के व्यक्तिव को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हुए उससे मिलवातीं और उसके घर में बच्चे के केयरटेकर के रूप में नौकरी दिलवाती हैं। जैसे ही उनके घर में हिंदू युवतियां जाती हैं तो उन्हें काफी सम्मान और रुपये दिए जाते हैं। साथ ही उन्हें अमरीन अपने साथ पार्टियों में ले जाती है। कई बार एमडी ड्रग भी पार्टियों में दिया गया है।
इसके बाद अमरीन के प्रेमी चंदन, उसके भाई बिलाल, दोस्त चानू और अहमदाबाद में रहने वाले उसके मंगेतर यासिर से दुष्कर्म करवाया गया है। अमरीन हिंदू धर्म को नीचा दिखाकर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाती थी। वह भगवानों से लेकर गाय के बारे में अनर्गल बातें करती और मुस्लिम युवकों को सबसे बेहतर बताती थी।
दोनों सगी बहनें तलाकशुदा, कुछ ही सालों में बदल गई जीवनशैली
28 वर्षीय अमरीन और 26 वर्षीय आफरीन की शादी हो चुकी थी, लेकिन वे अपने पतियों को तलाक दे चुकी हैं और अलग रहती हैं। मूलत: उनका परिवार ऐशबाग में रहता था, लेकिन मां की मौत के बाद पिता आफरीन के साथ अब्बास नगर और अमरीन अपने प्रेमी चंदन यादव के साथ बागसेवनिया स्थित सागर रायल विला के फ्लैट में किराये से रहने लगी। उनकी तीसरी बहन फिदा भी शादीशुदा है और जहांगीराबाद में पति के साथ रहती है।



