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तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका की सेना इस हफ्ते के अंत तक ईरान पर भयानक हमला करने के लिए तैयार है। हालांकि अंतिम फैसला डोनाल्ड ट्रंप को लेना है, लेकिन उन्हें हमले के बारे में सारी जानकारियां दे दी गई हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में वाइट हाउस के सीनियर अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप को हमले को लेकर कई सारी ब्रीफिंग्स दी गई हैं। हर एक डिजाइन में ईरान को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि हमले के डिजाइन में ईरान के शीर्ष अधिकारियों की हत्या करना, शीर्ष सैन्य अधिकारियों की हत्या करना शामिल है, ताकि ईरान में सत्ता परिवर्तन किया जा सके। इसमें कहा गया है अमेरिकी सेना एक साथ ईरान के सैन्य, सरकारी अधिकारी और ईरान के परमाणु केन्द्रों पर हमला करेगी। इसमें बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की फैक्ट्रियां भी शामिल होंगी

ईरान पर हमले के लिए तैयार अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप को हर एक हमले को लेकर सारी जानकारियां दे दी गई हैं। लेकिन आखिरी फैसला राष्ट्रपति को लेना है। अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति ने फैसला नहीं लिया है कि ईरान पर हमला करने की इजाजत देंगे या नहीं। लेकिन अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर्स के बीच ईरान पर हमले को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है। वहीं सीएनएन ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि ट्रंप ने अकेले में मिलिट्री कार्रवाई के पक्ष और विपक्ष में बहस की है और सलाहकारों और सहयोगियों से पूछा है कि सबसे अच्छा तरीका क्या है।
बैठक से जुड़े एक व्यक्ति के हवाले से सीएनएन ने बताया है कि वाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने बुधवार को वाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ईरान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। ट्रंप को बुधवार को स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने भी ईरान के साथ एक दिन पहले हुई उनकी इनडायरेक्ट बातचीत के बारे में जानकारी दी। यह साफ नहीं है कि ट्रंप वीकेंड तक कोई फैसला लेंगे या नहीं। लेकिन जो दावा किया गया है, उसके मुताबिक पहला हमला बहुत बड़ा, भयानक होगा और एक ही झटके में ईरान की सरकार, सैन्य अधिकारियों, परमाणु ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया जाएगा।
ईरान-अमेरिका की बैठक में नहीं निकला नतीजा
जिनेवा में इस हफ्ते अमेरिका और ईरानी अधिकारियों की बातचीत हुई है। करीब साढ़े 3 घंटे की बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। ईरान के टॉप निगोशिएटर ने कहा कि दोनों पक्ष "गाइडिंग प्रिंसिपल्स के एक सेट" पर सहमत हुए हैं, हालांकि एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि "अभी भी बहुत सारे मुद्दों पर चर्चा होनी बाकी है।" जबकि वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बुधवार को कहा कि ईरान से "अगले कुछ हफ्तों में" अपनी बातचीत की स्थिति के बारे में और जानकारी देने की उम्मीद है, लेकिन उन्होंने इस बारे में बात नहीं की, कि क्या ट्रंप उससे पहले हमले का आदेश देंगे या नहीं।ईरान पर हमले का भारत पर क्या होगा असर?
अमेरिका अगर ईरान पर हमला करता है तो कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ सकता है। रातों रात कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के बार जा सकती हैं। वहीं ईरान, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। भारत के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है। तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल, डीजल और माल ढुलाई की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा मध्य एशिया तक सामान भेजने के लिए भारत, ईरान के रास्ते का इस्तेमाल करता है और युद्ध की स्थिति में इसपर असर पड़ेगा।