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नई दिल्‍ली: अमेरिका और ईरान के बीच कई हफ्तों से जारी घमासान फिलहाल रुक गया है। दोनों देश दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए हैं। इस संघर्ष के कारण भारत काफी दुश्‍वारियां झेल चुका है। इसमें गैस संकट प्रमुख रहा है। अब जब युद्ध थम गया है तो भारत में लोगों को दोबारा पहले की तरह सिलेंडर मिलने का इंतजार है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मौजूदा ईंधन सप्‍लाई की स्थिति पर एक अपडेट शेयर किया है। इसमें होर्मुज स्‍ट्रेट को प्रभावित करने वाले मौजूदा घटनाक्रमों के बीच पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे उपायों की रूपरेखा दी गई है।

कमर्शियल एलपीजी सप्‍लाई पर क्‍या कहा?

सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सप्‍लाई पर कई अहम बातें बताई हैं। उसके मुताबिक, कुल कमर्शियल एलपीजी आवंटन बढ़ाकर संकट से पहले के स्तर का लगभग 70% कर दिया गया है। इसमें 10% सुधार-आधारित आवंटन भी शामिल है। सरकार ने बुधवार को इसमें नया अपडेट दिया।

उसने बताया है कि कुछ क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों को भी पहले के उनके थोक गैर-घरेलू एलपीजी खपत स्तर का 70% प्राप्त होगा। इनमें फार्मा, फूड, पॉलीमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, यूरेनियम, भारी जल, इस्पात, बीज, धातु, सिरेमिक, फाउंड्री, फोर्जिंग, कांच, एयरोसोल आदि शामिल हैं। इस आवंटन के तहत थोक एलपीजी का लाभ उठाने के लिए संबंधित उद्योगों को तय शर्तों को पूरा करना होगा।