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पन्ना: पीटीआर के अधिकारियों पर गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगा है। आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक नेताओं को बाघ दिखाने के लिए हाथियों का इस्तेमाल किया। यह सुप्रीम कोर्ट के नियमों और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के खिलाफ है। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के सचिव से शिकायत की है। मामला हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य 5 मंत्रियों की जंगल सफारी से जुड़ा हुआ है।

मंत्री के वीडियो से खुली पोल

यह घटना 8 और 9 दिसंबर को हुई, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव, पांच कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सफारी पर गए थे। मंत्री लखन पटेल ने एक फेसबुक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने बताया कि बाघों को देखने के लिए कर्मचारियों ने हाथियों से बाघ और शावकों वाली बाघिन को घेर लिया था। यह तरीका NTCA के नियमों के अनुसार गलत है।

वीडियो को बना लिया सबूत

दुबे ने अपनी शिकायत में मंत्री लखन पटेल के इस वीडियो को सबूत के तौर पर पेश किया है। उन्होंने वन्यजीव कानूनों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

फील्ड डायरेक्टर की पोस्ट खाली

एक और गंभीर आरोप यह है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर का पद खाली पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यह पद हमेशा भरा रहना चाहिए। इस पद के खाली रहने से पन्ना जैसे संवेदनशील टाइगर लैंडस्केप की निगरानी कमजोर हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों पर कोई बयान नहीं दिया है।