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नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच होने वाली ट्रेड डील पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं। दोनों देश इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं। इस समझौते की औपचारिक घोषणा 27 जनवरी को होने की उम्मीद है। यह घोषणा गणतंत्र दिवस समारोह के ठीक एक दिन बाद होगी, जिसमें ईयू के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा है कि ईयू भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे सभी सौदों का बाप यानी मदर ऑफ ऑल डील्स कह रहे हैं। यह बात उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूरोप दुनिया के साथ व्यापार और सहयोग बढ़ाना चाहता है।

समझौता बनाएगा बड़ा बाजार

वॉन डेर लेयन ने भारत के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के बड़े पैमाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा समझौता होगा जो 2 अरब लोगों के लिए एक बाजार बनाएगा, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (Global GDP) का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने यह भी बताया कि वह अगले वीकेंड भारत की यात्रा करेंगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चल रहे काम को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यूरोप और भारत के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और सहयोग को गहरा करने के लिए महत्वपूर्ण काम किया जाना है।

25 जनवरी से शुरू होगा दौरा

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस डा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। ये दोनों यूरोपीय संघ के नेता 25 जनवरी से तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आएंगे। कार्यक्रम इस प्रकार होगा:

  • इस यात्रा के दौरान दोनों नेता 27 जनवरी को 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन (India-EU Summit) की सह-अध्यक्षता भी करेंगे।
  • राष्ट्रपति कोस्टा और राष्ट्रपति वॉन डेर लेयन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीमित और प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता करेंगे।
  • भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के मौके पर एक भारत-यूरोपीय संघ व्यापार मंच (India-EU Business Forum) भी आयोजित होने की उम्मीद है।

ट्रेड पार्टनर से बढ़ेगा व्यापार

निर्यातकों के संगठन FIEO के महानिदेशक डॉ. अजय सहाय ने कहा, ‘इस FTA से हमारे सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर से व्यापार बढ़ेगा। इससे टैरिफ के मौजूदा माहौल से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में बहुत मदद मिलेगी।’ गारमेंट और टेक्सटाइल्स सेक्टर के लिए FTA को ऐतिहासिक अवसर बताते हुए CTA अपैरल्स के चेयरमैन डॉ. मुकेश कसल ने कहा, ‘कम ड्यूटी पर या ड्यूटी फ्री एक्सपोर्ट की सुविधा मिलने से भारतीय निर्यातकों को मदद मिलेगी, खासतौर से उन देशों के मुकाबले, जिन्हें अभी रियायत मिली हुई है।’