भोपाल। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन दस अप्रैल से प्रारंभ होगा। तीसरी बार सरकार ने तिथि बढ़ाई है। इसे लेकर कांग्रेस तो विरोध कर ही रही है, वहीं अब भारतीय किसान संघ ने भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने शीघ्र समस्या का समाधान नही किया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने बयान जारी कर कहा कि सरकार ने पहले 16 मार्च, एक अप्रैल और अब दस अप्रैल से गेहूं उपार्जन की शुरुआत करने की घोषणा की है। बार-बार तिथि बदलने से किसान परेशान हो रहे हैं।
खराब मौसम से फसलों की गुणवत्ता बिगड़ी
फसल खलिहान में पड़ी हुई है और मौसम खराब होने से फसलों की गुणवत्ता में भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडियों में भाव नही मिल रहे हैं। व्यापारी मौके का फायदा उठाकर ओने-पौने दामों में उपज खरीद रहे हैं। सहकारी समितियों में अल्पावधि ऋण जमा करने की तिथि भी 28 मार्च से नहीं बढ़ाई गई। इससे किसानों को सालभर का सात प्रतिशत ब्याज और 14 प्रतिशत दंड लग गया। इससे 60 प्रतिशत किसान डिफॉल्टर हो गए। उन्होंने सरकार से ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदने का पंजीयन शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग भी की।



