भोपाल। शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित कर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई करने के लिए टास्कफोर्स समिति का गठन किया गया है, जिसमें अपर आयुक्त, एडीएम, एडिशनल डीसीपी सहित 19 सदस्य शामिल किए गए हैं।
यह समिति बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र का सर्वे करने के साथ ही अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई करेगी। साथ ही प्रतिदिन किए गए सर्वे व कार्रवाई का प्रतिवेदन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंपेगी।
सांसद की बैठक के बाद सख्त कार्रवाई के निर्देश
बता दें कि कलेक्ट्रेट में सोमवार को सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब के कैचमेंट में पसरे अतिक्रमण, अवैध निर्माण आदि को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली थी, जिसमें उन्होंने सख्त कार्रवाई करने के लिए दोबारा सर्वे व मास्टर प्लान बनाने के लिए कहा था।
इसके बाद से कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को हुई विशेष बैठक में दावा किया था कि बड़ा तालाब 30 साल में 10 वर्ग किमी छोटा हो गया।
30 सालों में घटा तालाब का क्षेत्रफल
पूर्व में बड़ा तालाब का क्षेत्रफल 39.8 वर्ग किमी था, जो कि घटकर 30 वर्षों में यह 29.8 वर्ग किमी रह गया है, जिसके कैचमेंट क्षेत्र में भूमाफिया ने कब्जा कर फार्म हाउस, रिसार्ट, पक्के मकान, बंगले, मैरिज गार्डन आदि बनाए हैं।
सेप्ट की रिपोर्ट के आधार पर सीमा बताने वाली पीले रंग की मुनारें लगाई गई थीं, उन्हें उखाड़कर फेंक दिया है। इसके बाद से कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सर्वे कर कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स समिति का गठन किया है। बड़ा तालाब का सर्वे कर अतिक्रमण हटाने के लिए गठित 19 सदस्यीय समिति में शामिल किए गए हैं।
कैचमेंट में बने हैं बंगले और कई अवैध कॉलोनियां
टीटीनगर वृत्त में बड़ा तालाब का एक हिस्सा आता है, जिसको लेकर एसडीएम अर्चना रावत शर्मा ने पूर्व में सर्वे करवाया था। इस दौरान छह गांव में अवैध कॉलोनियां, मैरिज गार्डन, बंगले सहित 35 अतिक्रमण चिह्नित किए थे, जिनमें से नौ को कार्रवाई करते हुए हटा दिया था, लेकिन 22 अब भी बाकी हैं।



