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वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत, चीन और ब्राजील को धमकी दी है कि उन्हें रूस के साथ संबंधों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। रिपब्लिकन सीनेटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धमकी देते हुए इन देशों के रूस से संबंधों को पुतिन का यूक्रेन युद्ध को समर्थन बताया। ट्रंप के करीबी ग्राहम ने इसके पिछले सप्ताह ही रूस से सस्ता तेल खरीदने को लेकर भारत, चीन और ब्राजील को धमकी दी थी। ग्राहम का तर्क है कि भारत समेत इन देशों के साथ व्यापार रूस को यूक्रेन में युद्ध के लिए फंडिंग करने में मदद कर रहा है।

बताया पुतिन की युद्ध मशीन को समर्थन

एक्स पर एक पोस्ट में ग्राहम ने लिखा, ‘मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यूक्रेन पर रूस के लगातार हमलों से हताशा को पूरी तरह समझता हूं,जो शांति वार्ता की कोई वास्तविक इच्छा नहीं दिखाता।’ उन्होंने आगे कहा, ‘पुतिन ने राष्ट्रपति ट्रंप का गंभीर रूप से गलत आकलन किया है। मुझे उम्मीद है कि चीन, भारत और ब्राजील जैसे देश- जो पुतिन की युद्ध मशीन का समर्थन करते हैं- लंबे समय से बकाया कीमत चुकाने वाले हैं।’

अमेरिका को चुभ रही भारत-रूस की दोस्ती

ग्राहम ने पोस्ट में बताया कि कांग्रेस राष्ट्रपति ट्रंप को शांति वार्ता की मेज पर लाने के उनके प्रयासों में मदद करने के लिए दोनों दलों के बहुमत के साथ तैयार है। ग्राहम से पहले इसी तरह की टिप्पणियां डोनाल्ड ट्रंप और नाटो महासचिव मार्क रूट भी कर चुके हैं, जिन्होंने यूक्रेन के साथ युद्ध के बदले में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी।

गौरतलब है कि रूस के साथ भारत का तेल आयात तेजी से बढ़ा है, जिसमें मॉस्को उसे सस्ती दरों पर कच्चा तेल उपलब्ध करा रहा है। वहीं, भारत, चीन और ब्राजील मिलकर रूस के कच्चे तेल निर्यात का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा खरीदते हैं। ग्राहम का मानना है कि इस आयात के चलते युद्ध के दौरान रूस की अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है।