बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की कमेटी की जांच में एमपीएड और बीपीएड कोर्स के 110 छात्रों में से 89 के प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए हैं। ये प्रमाण-पत्र छात्रों ने हाई कोर्ट के निर्देश पर विवि को सौंपे थे। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद विश्वविद्यालय के विधि विभाग और रजिस्ट्रार आईके मंसूरी ने इसे कोर्ट में पेश नहीं किया और न ही खुद हाजिर हुए।
कोर्ट की तीन लगातार पेशियों में अनुपस्थित रहने पर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई और रजिस्ट्रार के खिलाफ 10 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी कर दिया। शनिवार को बागसेवनिया पुलिस ने रजिस्ट्रार मंसूरी को बीयू में वारंट की तामील करवाई।
यह मामला वर्ष 2023-24 में बीपीएड और एमपीएड कोर्स में दाखिले से जुड़ा है। इन कोर्स में दाखिला उच्च शिक्षा विभाग की काउंसलिंग के जरिए होता है। इसके लिए खेल प्रमाण-पत्र, मूल निवासी प्रमाण-पत्र और अंकसूचियों की जांच होती है। जांच के बाद विश्वविद्यालय पात्रता प्रमाण-पत्र जारी करता है। इसके बाद कॉलेजों में दाखिला होता है।
2023-24 में विश्वविद्यालय ने 110 छात्रों के प्रमाण-पत्र संदिग्ध पाए। इसलिए उन्हें पात्रता प्रमाण-पत्र नहीं दिया गया। छात्रों ने दोबारा जांच की मांग की। फिर से जांच हुई, लेकिन परिणाम पहले जैसा ही रहा। इसके बाद छात्र हाई कोर्ट चले गए। रजिस्ट्रार का कहना है कि कोर्ट ने उन्हें और सब रजिस्ट्रार को वारंट जारी किया है। लेकिन विश्वविद्यालय में कोई सब रजिस्ट्रार है ही नहीं।
रिपोर्ट हाई कोर्ट में न देने पर रजिस्ट्रार 10 हजार के जमानती वारंट से तलब
{बरकतल्लाह विश्वविद्यालय ने छात्रों के प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए कमेटी बनाई। कोर्ट ने छात्रों से मूल प्रमाण-पत्र मांगे थे। कमेटी की जांच में 110 में से केवल 21 छात्र ही सही पाए गए। इसके बाद विश्वविद्यालय ने एक रिपोर्ट तैयार कर विधि प्रकोष्ठ और रजिस्ट्रार को दी। कोर्ट ने प्रकरण देखने के लिए असिस्टेंट रजिस्ट्रार मनोज भटनागर को प्रभारी अधिकारी बनाया।
2 अप्रैल को सुनवाई थी। लेकिन न रजिस्ट्रार, न प्रभारी अधिकारी और न ही विधि प्रकोष्ठ का कोई अधिकारी कोर्ट में हाजिर हुआ। इससे पहले की तीन पेशियों में भी यही हुआ। इस कारण कोर्ट ने रजिस्ट्रार के खिलाफ 10,000 रुपए का जमानती वारंट जारी किया। विश्वविद्यालय ने अब इस मामले में असिस्टेंट रजिस्ट्रार पुनीत शुक्ला को नया प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया है।
जिन पर जिम्मेदारी थी उन्होंने नहीं दी रिपोर्ट : मंसूरी
हाई कोर्ट से वारंट आया है जिसकी तामीली हो चुकी है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। नया प्रभारी अधिकारी असिस्टेंट रजिस्ट्रार को बनाया गया है। पहले जिन पर ज़िम्मेदारी थी, उन्होंने कम्पलाइंस रिपोर्ट नहीं दी थी।
– आई के मंसूरी,रजिस्ट्रार, बीयू



