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एविएशन पर नजर रखने वाली संस्था DGCA ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर (चार्टेड प्लेन, एयर एंबुलेंस) के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब ऑपरेटर्स को अपनी वेबसाइट पर प्लेन की मेंटेनेंस हिस्ट्री को सार्वजनिक करना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना होगा कि विमान कितना पुराना है।

दरअसल झारखंड में एक चार्टेड प्लेन के क्रैश होने के बाद DGCA ने मंगलवार को ऐसे सभी ऑपरेटरों के साथ एक मीटिंग की। इसमें ऑपरेटर्स को उनके सेफ्टी रिकॉर्ड के आधार पर रैंक करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि यह रैंकिंग DGCA की वेबसाइट पर डाली जाएगी।

DGCA ने यह फैसला पिछले एक महीने में नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर से संचालित दो चार्टेड विमानों के क्रैश होने के बाद लिया है।

नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर वे कंपनियां हैं जो नियमित टाइम-टेबल वाली कमर्शियल फ्लाइट नहीं चलाती, बल्कि जरूरत या बुकिंग के आधार पर उड़ान भरती हैं।