एक पुराने चेक बाउंस मामले में फंसे बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने हाल ही में दिल्ली के तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। सरेंडर से पहले वो काफी इमोशनल हुए और साफ कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। बॉलीवुड में रियल हीरो के तौर पर जाने जानेवाले सोनू सूद एक बार फिर सामने हैं और इस मामले में राजपाल यादव की मदद के लिए उन्होंने आवाज उठाई है।
साल 2010 के चेक बाउंस मामले में 5 करोड़ रुपये का कर्ज चुका पाने में असमर्थ एक्टर राजपाल ने आखिरकार सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने से ठीक पहले वो काफी भावुक हो गए और अधिकारियों से कहा, ‘सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई और रास्ता नहीं दिख रहा, यहां सब अकेले हैं, कोई दोस्त नहीं होता। इस मुश्किल से मुझे खुद ही गुजरना होगा।’
सोनू सूद ने राजपाल यादव के लिए किया ट्वीट
जहां राजपाल यादव की कही ये बातें उनके फैन्स को दुखी कर रही हैं, वहीं बॉलीवुड से आखिरकार मदद के लिए आवाज उठनी शुरू हो गई है। सोनू सूद ने एक्टर को लेकर एक ट्वीट किया है जिसके बाद उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें इस मामले में फिल्मी दुनिया से सपोर्ट मिल सकेगा।
‘राजपाल यादव मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे’
सोनू सूद ने लिखा है, ‘राजपाल यादव एक टैलेंटेड एक्टर हैं जिन्होंने कई सालों तक हमारे इंडस्ट्री को यादगार भूमिकाएं दी हैं। कभी-कभी लाइफ अनफेयर हो जाता है, टैलेंट के कारण नहीं बल्कि समय के खराब होने की वजह से। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह हम सभी के लिए – प्रड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और कुलीग के लिए – एकजुट होने का समय है।’
राजपाल यादव की मदद के लिए सोनू सूद ने उठाई आवाज
उन्होंने एक्टर की मदद के लिए एक दमदार आवाज उठाते हुए कहा है, ‘एक छोटी सी अमाउंट राशि, जिसे भविष्य के काम के बदले दिया जा सकता है, ये दान नहीं, बल्कि सम्मान है। जब हमारी ही इंडस्ट्री का कोई सदस्य कठिन दौर से गुजर रहा हो तो हमें उन्हें ये यह याद दिलाना चाहिए कि वह अकेला नहीं है। इसी तरह हम यह साबित करते हैं कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री से कहीं बढ़कर हैं।’
लोगों ने सोनू सूद के इस कदम पर जताया आभार
सोशल मीडिया पर उनके इस ट्वीट पर लोगों ने भी रिएक्ट किया है। एक ने कहा, ‘यही सच्ची मानवता है। गलती तो हर कोई कर सकता है, लेकिन उस गलती की वजह से किसी का जीवन और करियर बर्बाद करना गलत है! आपने सही फैसला लिया है और मैं भगवान गणेश से प्रार्थना करता हूं कि आपकी ये कोशिश सफल हों।’ एक और ने कहा- सोनू के इस बड़े कदम के लिए उन्हें सलाम, राजपाल यादव इस उद्योग जगत से मिलने वाले प्यार और समर्थन के हकदार हैं।
क्या है राजपाल यादव से जुड़ा ये पूरा मामला
एक्टर से जुड़ा ये मामला16 साल पुराना है। ये साल 2010 की बात है जब राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाई थी। इसे बनाने के लिए उन्होंने मेकर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। हालांकि फिल्म बन गई और रिलीज भी हुई लेकिन पूरी तरह से पिट गई। इस वजह से राजपाल यादव को तगड़ा आर्थिक चोट पहुंचा और जिस कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिए वो भी डूब गया। एक्टर वो रकम आज तक लौटा नहीं पाए और इसके बाद कंपनी ने फिर राजपाल यादव के खिलाफ केस कर दिया । एक्टर पर आरोप लगाया गया कि राजपाल ने जो भी चेक दिए, वो बाउंस हो गए।
इससे पहले भी राजपाल यादव जा चुके हैं जेल
इसी मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को कई बार नोटिस भेजे, लेकिन वे लंबे समय तक कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिसके बाद साल 2013 में उन्हें 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वे 3 से 6 दिसंबर 2013 तक चार दिनों तक जेल में रहे। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी। इसके बाद निचली अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी। जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने यह कहते हुए सजा पर अस्थायी रोक लगा दी कि एक्टर कोई आदतन अपराधी नहीं हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी समझौते की संभावनाएं तलाशने की सलाह दी थी।
राजपाल यादव ने कोर्ट को ये भरोसा दिलाया था
दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता को लेकर राजपाल यादव ने कोर्ट को ये भरोसा दिलाया था कि वे शिकायतकर्ता कंपनी को कुल 2.5 करोड़ रुपए का भुगतान करेंगे। इसमें 40 लाख रुपए की पहली किश्त थी और 2.10 करोड़ रुपए की दूसरी किश्त शामिल थी। हालांकि, वो ऐसा कर नहीं पाए।
जनवरी में कोर्ट ने दिया था राजपाल को अंतिम मौका
इसी साल जनवरी 2026 में कोर्ट ने राजपाल यादव को अंतिम मौका दिया था। एक्टर के वकील ने कोर्ट को बताया था कि एक्टर ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और भुगतान करने के लिए एक हफ्ते का और समय मांगा था। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सरेंडर करने के लिए समय बढ़ाने की राजपाल यादव की अर्जी खारिज कर दी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में बार-बार किए गए वादों का उल्लंघन बेहद गंभीर है। कोर्ट ने कहा कि एक्टर को कई अवसर दिए गए, लेकिन हर बार उन्होंने अदालत के भरोसे को तोड़ा है। इसके बाद उन्हें 4 फरवरी को शाम 4 बजे तक आत्मसमर्पण करने की मोहलत दी गई थी।



