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नई दिल्ली: अगर आपकी स्मार्टफोन, टीवी और लैपटॉप लेने की योजना है तो यह खबर आपके काम की है। अगले दो महीनों में इनकी कीमत में 4 से 8% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इंडस्ट्री के जानकारों और मार्केट एक्सपर्ट्स ने यह बात कही है। स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग का सामना करना पड़ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से मेमोरी चिप्स की डिमांड बहुत बढ़ गई है। इसी वजह से इनकी कीमतें भी आसमान छू रही हैं।

स्थिति इतनी गंभीर है कि इंडस्ट्री के बड़े अधिकारियों का कहना है कि इस साल हर तिमाही या हर महीने कीमतें बढ़ने का यह सिलसिला जारी रह सकता है। मार्केट को ट्रैक करने वाली कंपनी काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक मेमोरी मार्केट एक हाइपर-बुल फेज में आ गया है। पिछले तीन महीनों में कीमतों में 50% की बढ़ोतरी के बाद इस तिमाही में यह और 40-50% बढ़ेंगी। अप्रैल से जून के बीच इनमें और 20% का इजाफा होने की उम्मीद है।

मेमोरी चिप्स की सप्लाई टाइट

काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा, "वीवो और नथिंग जैसी कुछ स्मार्टफोन कंपनियों ने जनवरी में ही ₹3,000-5,000 तक कीमतें बढ़ा दी हैं। वहीं सैमसंग जैसी कंपनियां सीधे तौर पर दाम बढ़ाने के बजाय कैशबैक और डिस्काउंट कम कर रही हैं। मेमोरी की कीमतें 2026 और अगले साल भी बढ़ती रहेंगी। कंपनियां नई लॉन्चिंग में इन बढ़ी हुई कीमतों को शामिल करेंगी, लेकिन हो सकता है कि वे डिस्प्ले जैसे कुछ कंपोनेंट्स की क्वालिटी कम कर दें ताकि लागत को कंट्रोल किया जा सके।"

फोन बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि मेमोरी चिप्स की सप्लाई मिलना मुश्किल हो गया है। इसी तरह टीवी बनाने वाली कंपनी सुपर प्लास्ट्रोनिक्स का कहना है कि उसे मेमोरी चिप्स के ऑर्डर का सिर्फ दसवां हिस्सा ही मिल पा रहा है। यह कंपनी कोडक, थॉमसन और ब्लू-पंक ब्रांड के तहत टीवी बेचती है। सुपर प्लास्ट्रोनिक्स के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने बताया, "हमने नवंबर में 7% कीमतें बढ़ाई थीं, अब इस महीने 10% और बढ़ा रहे हैं और फरवरी में 4% और बढ़ाने की योजना है। रिपब्लिक डे सेल में डिस्काउंट बहुत कम देखने को मिलेंगे।"

कितनी बढ़ेगी कीमत

रिटेल चेन का कहना है कि लैपटॉप की कीमतें पहले ही 5-8% बढ़ चुकी हैं और बड़े टीवी ब्रांड्स ने भी जल्द ही कीमतें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ग्रेट ईस्टर्न रिटेल के डायरेक्टर पुलकित वैद्य ने कहा, "कीमतों में यह बढ़ोतरी तुरंत मांग पर असर डालेगी।" ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) के मुताबिक नवंबर-दिसंबर में स्मार्टफोन की कीमतों में 3-21% की बढ़ोतरी हुई थी। आने वाले महीनों में कीमतें 30% तक बढ़ सकती हैं।

AIMRA के चेयरमैन कैलाश लखयानी ने कहा, "कीमत बढ़ने से बाजार में काफी गिरावट आने की आशंका है। 2026 में स्मार्टफोन की शिपमेंट वॉल्यूम में 10-12% की कमी आ सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर ₹20,000 से कम कीमत वाले सेगमेंट पर पड़ेगा, जो भारत में सबसे ज्यादा बिकता है। ग्राहक पहले से ही इंतजार कर रहे हैं और देख रहे हैं कि आगे क्या होता है।" काउंटरपॉइंट का भी कहना है कि मेमोरी चिप्स और हैंडसेट की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण भारत में 2026 में स्मार्टफोन की बिक्री में 2% की गिरावट देखने को मिल सकती है।