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रायपुर, देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर यानि आज है। BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म दे रहे हैं। लेकिन अब तक हजारों आवेदन आयोग तक नहीं पहुंचे हैं।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने फॉर्म जमा नहीं किया, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची में सुधार और अपडेट के लिए अनिवार्य है। इसमें नए 18 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को जोड़ा जाएगा, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाया जाएगा और गलत नाम या पते ठीक किए जाएंगे।

समय पर फार्म नहीं भरने वालों पर होगी कार्रवाई

BLO आज अंतिम दिन तक मतदाताओं से फॉर्म जमा करवा रहे हैं। आयोग ने कहा कि जो लोग फॉर्म समय पर जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।

हजारों फॉर्म अब तक नहीं पहुंचे आयोग

आयोग में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता है। इन मतदाताओं की एसआईआर प्रक्रिया करवाने के लिए 24 हजार 371 बीएलओ और 38 हजार 846 बीएलए की ड्यूटी लगी है।

बीएलओ एक मतदाता की एसआईआर प्रक्रिया करने के लिए तीन–तीन बार पहुंच रहे है और फिर भी मतदाता एसआईआर प्रक्रिया का फॉर्म जमा नहीं कर रहे है। इस स्थिति में अब एक्शन लेने की तैयारी आयोग के अधिकारी कर रहे है।

30 नवंबर को SIR की डेडलाइन 7 दिन बढ़ाई गई थी

चुनाव आयोग ने 30 नवंबर को SIR की समय सीमा एक हफ्ते बढ़ाने का फैसला किया था। आयोग ने कहा था कि अब अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

मतदाता जोड़ने-हटाने का एन्यूमरेशन पीरियड यानी वोटर वेरिफिकेशन अब 11 दिसंबर तक चलेगा, जो पहले 4 दिसंबर तक तय था। वहीं, पहले ड्राफ्ट लिस्ट 9 दिसंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे 16 दिसंबर को जारी किया जाएगा।

पॉलिटिकल पार्टियों को मिलेगी मृत मतदाताओं की सूची

निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित वोटरों की सूची दी जाएगी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को जारी की जाएगी।

इससे पहले आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को हर बूथ के हिसाब से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट वोटरों की सूची तैयार कर बूथ एजेंटों को देने का निर्देश दिया है।

ये वे वोटर हैं जिनसे बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तीन बार कोशिश के बावजूद संपर्क नहीं कर सके। बिहार में हुई एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भी यही तरीका अपनाया गया था।