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नई दिल्‍ली: राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमतों में छह फीसदी से ज्‍यादा की जोरदार उछाल देखी गई। यह 2.72 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। सोने के दाम भी लगभग एक फीसदी बढ़कर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए। यह तेजी मजबूत वैश्विक रुख और डॉलर के कमजोर होने के कारण आई। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी शुक्रवार के 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद भाव से 17,000 रुपये बढ़कर 2,72,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। वहीं, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने के दाम 1,300 रुपये बढ़कर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्‍ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने बताया कि सोमवार को डॉलर में गिरावट और सटोरियों की खरीदारी के कारण सोने में तेजी आई। डॉलर इंडेक्स लगभग 0.30 फीसदी गिरकर 97 के स्तर पर था। इसने सोने-चांदी की कीमतों को सहारा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भू-राजनीतिक और व्यापार से जुड़े बयानों के कारण कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है।

दिल्‍ली सराफा बाजार में सोने-चांदी का भाव

स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी 17,000 रुपये या 6.66 फीसदी उछलकर 2,72,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्‍स सहित) हो गई। पिछले सत्र यानी शुक्रवार को यह 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई थी।
इसके अलावा, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये या 0.83 फीसदी बढ़कर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्‍स सहित) हो गया। पिछले सत्र में यह 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोना-चांदी के भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 2.81 फीसदी बढ़कर 80.21 डॉलर प्रति औंस पर बोली गई। सोना एक फीसदी चढ़कर 5,012.94 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। गांधी के अनुसार, निवेशकों की भावना को चीन से मिले आंकड़ों से और बढ़ावा मिला। चीन के केंद्रीय बैंक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने जनवरी में लगातार 15वें महीने सोने की खरीदारी जारी रखी। इसके बावजूद कि कीमतें ऊंची थीं।

आगे कौन तय करेगा सोने-चांदी की चाल?

बाजार की नजरें अब अमेरिका से आने वाले आंकड़ों पर टिकी हैं। व्यापारी बुधवार को जारी होने वाले अमेरिका के मासिक रोजगार आंकड़ों (नॉनफार्म पेरोल और बेरोजगारी दर) का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, अगले शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। ये दोनों आंकड़े डॉलर की दिशा तय करेंगे। इनसे कीमती धातुओं के लिए नए संकेत मिलने की संभावना है।