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मुंबई: इस सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 23 फरवरी 2026, की सुबह-सुबह ही सोने के घरेलू बाज़ार में अच्छी खासी तेज़ी देखी गई। इसकी दो बड़ी वजहें रहीं – एक तो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, और दूसरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 15% वैश्विक टैरिफ (शुल्क) का ऐलान।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव

इससे पहले बीते शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर बड़े पैमाने पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली चीजों की मांग और बढ़ गई। तभी तो आज सुबह करीब 9:05 बजे, MCX पर अप्रैल डिलीवरी सोने के वायदा सौदा 10 ग्राम के लिए 1,60,600 रुपये पर चल रहा था। यह शुक्रवार के बंद भाव से 3,700 रुपये या 2.4% ज़्यादा था। वहीं, मार्च डिलीवरी चांदी के सौदे 1 किलोग्राम के लिए करीब 2,68,120 रुपये पर थे, जो 15,200 रुपये या 6% की बढ़ोतरी दिखाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़े

COMEX पर भी सोने की कीमतें 2% से ज़्यादा यानी 109 डॉलर बढ़कर 5,189.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थीं। चांदी की दरें भी करीब 87.505 डॉलर प्रति औंस पर थीं, जिसमें 5.16 डॉलर या 6% की ज़बरदस्त उछाल आई थी। इस समय भले ही दाम बढ़ा हो, लेकिन ये कीमतें अपने उच्चतम स्तर से अभी भी काफी नीचे हैं। सोना अपने पीक रेट यानी 1,93,096 रुपये से 18% यानी 36,000 रुपये गिर चुका है। यह गिरावट 2025 तक चले ज़बरदस्त उछाल के बाद आई है, जिसका असर जनवरी तक भी रहा था। इसी तरह, चांदी भी अपने रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपये से 40% यानी 1.68 लाख रुपये नीचे आकर कंसॉलिडेशन (स्थिरता) में है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव वैश्विक शेयर बाज़ारों पर भारी पड़ रहा है। बीते गुरुवार को इसका असर दिखा, जब भारतीय शेयर बाज़ारों में भी भारी गिरावट आई थी। शुक्रवार को, ट्रंप ने ईरान को फिर से चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान ‘बेहतर और निष्पक्ष सौदा’ नहीं करता है, तो सैन्य कार्रवाई हो सकती है। AFP की खबर के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर USS गेराल्ड आर. फोर्ड विमानवाहक पोत भूमध्य सागर में दाखिल हुआ। यह मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की बड़ी योजना का हिस्सा है। इस पोत को जिब्राल्टर जलडमरूमध्य से गुजरते हुए देखा गया, जो अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर के बीच एक अहम रास्ता है। एक और बात यह हो गई कि अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने ट्रंप के ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकार का दुरुपयोग किया है। इस फैसले के बाद, ट्रंप ने सभी देशों से होने वाले आयात पर 10% टैरिफ लगाने के कागज़ात पर हस्ताक्षर किए, जिसे उन्होंने ‘लगभग तुरंत प्रभावी’ बताया। शनिवार को उन्होंने इस टैरिफ को बढ़ाकर 15% कर दिया।