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सहारनपुर: कौशिक विहार कॉलोनी में सोमवार की रात को संग्रह अमीन अशोक राठी ने अपनी मां विद्यावती, पत्नी अंजिता और दो बेटों कार्तिक व देव की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद आत्महत्या कर ली। पुलिस की जांच में सामने आया कि अशोक राठी काफी समय से अवसाद में था। एक साल पहले भी उसने पूरे परिवार को नींद की गोलियां देकर मारने की कोशिश की थी। हालांकि उस समय सभी सकुशल बच गए थे। यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना काल में भी अशोक ने सुसाइड करने की कोशिश की थी।

मौके पर पहुंचे अंजिता के भाई राहुल ने बताया कि शवों को देखकर लग रहा है कि गोली मारने से पहले उन्हें नींद या नशीली गोलियां दी गई होंगी, क्योंकि सभी अपने बिस्तर पर थे और हाथापाई के कोई निशान नहीं थे। एक साल पहले हुई घटना से सभी सतर्क रहते थे।

चंडीगढ़ से चल रहा था इलाज

गांव के पड़ोसी ने बताया कि अशोक कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था। उसका चंडीगढ़ से इलाज भी चल रहा था। करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व अशोक के पिता सुरेंद्र सिंह की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय रिटायरमेंट के पांच-छह दिन शेष थे।

ना काम का दबाव ना पारिवारिक कलह

अशोक के साथ काम करने वाले सहयोगियों का कहना है कि वह केवल अपने काम से काम रखता था। हत्या और आत्महत्या की बात हजम नहीं हो रही है, क्योंकि अशोक के ऊपर न तो विभाग के काम का कोई दबाव था और न ही कभी पारिवारिक कलह की बात सामने आई है।