वॉशिंगटन: ईरान युद्ध के कारण पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। ऊर्जा संकट के कारण कई देशों में एनर्जी लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इस कारण अधिकतर एशियाई देश देश रूसी तेल और गैस पाने के लिए होड़ कर रहे हैं। अमेरिका ने भी कुछ समय के लिए रूसी तेल खरीद से प्रतिबंध हटा दिया है। इस कारण जो देश पहले रूसी तेल खरीदने से डर रहे थे, वो भी अब मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, इसका सबसे बड़ा फायदा रूस को हो रहा है। एक तरफ तेल की बिक्री से रूस को जबरदस्त आमदनी हो रही है, दूसरी ओर- दुनिया का ध्यान यूक्रेन युद्ध से हट गया है। ऐसे में रूसी सेना तेजी से यूक्रेनी क्षेत्र पर कब्जा कर रही है।
ईरान युद्ध का फायदा उठा रहा रूस
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस हफ्ते की शुरुआत में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तेल और गैस सप्लायरों की एक बैठक में कहा कि उन्हें युद्ध और होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण ऊर्जा की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से होने वाली अतिरिक्त कमाई का इस्तेमाल करना चाहिए। रूस को अमेरिका के उस फैसले से भी फायदा हुआ है, जिसके तहत वॉशिंगटन ने एक महीने के लिए रूसी तेल और गैस सप्लाई से प्रतिबंधों को हटा दिया था। इसके साथ यूरोपीय आयोग ने भी मौजूदा हालात को देखते हुए रूसी तेल आयात पर स्थायी प्रतिबंध लगाने के फैसले को टाल दिया है।
ईरान युद्ध के बारे में जानें
- अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले की शुरुआत की थी। इनमें मुख्य रूप से तेहरान को निशाना बनाया गया है।
- तब से आज तक अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है। इस युद्ध को 30 दिन पूरे हो चुके हैं।
- अमेरिकी-इजरायली हमलों में इजरायल के कई शीर्ष नेता मारे गए हैं, जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं।
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर इजरायल और मध्य पूर्व के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
- यमन के हूती विद्रोही भी इस युद्ध में शामिल हो गए हैं। उन्होंने इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले किए हैं।
रूस को कितने दिनों तक होगा फायदा?
इस कारण यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या ईरान युद्ध का फायदा सबसे ज्यादा रूस को हो रहा है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने भी कहा है कि रूस इकलौता ऐसा देश होगा, जिसे ईरान युद्ध से फायदा होगा। हालांकि विश्लेषकों ने इस युद्ध के कारण रूस को होने वाले फायदे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आगाह किया है कि यूक्रेन युद्ध और रूस की अपनी घरेलू आर्थिक समस्याओं जैसे कारक, अमेरिका के कारण आए इस बदलाव से फायदा उठाने की उसकी क्षमता को सीमित कर देंगे। उनका यह भी कहना है कि यह फायदा चंद दिनों के लिए है। इसके बाद रूस फिर पुराने समय में वापस चला जाएगा और उसे खरीदार ढूंढने के लिए संघर्ष करना होगा।
ट्रंप ने ईरान युद्ध पर क्या कहा?
इस बीच ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है। खबरों के मुताबिक, उनके शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए ईरान तक पहुंचाए गए हैं। हालांकि, ईरान ने जोर देकर कहा है कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। इस बीच ईरान ने खाड़ी तथा मध्य पूर्व के देशों पर हमले जारी रखे हैं।
ईरान के साथ खुलकर खड़ा है रूस
रूस ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए उन्हें "जानबूझकर किया गया, पहले से सोचा-समझा और बिना किसी उकसावे के किया गया सशस्त्र हमला" बताया है। वहीं, पुतिन ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को एक "निंदनीय" हत्या करार दिया है। रूसी नेता ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि मॉस्को "तेहरान का एक वफ़ादार दोस्त और भरोसेमंद साझीदार" बना रहेगा।



