नवादा: बिहार में नवादा सदर अस्पताल की बदहाल हालत एक बार फिर सुर्खियों में है। हल्की बारिश में फ्री फील्ड भवन की छत गिरने की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई, मरीज और उनके परिजन अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। खासकर, प्रसव वार्ड में नवजात शिशुओं और माताओं को रखा गया था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया।
विभा देवी ने अस्पताल पहुंचकर कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई
स्थानीय राजद विधायक विभा देवी को जनता ने इसकी जानकारी दी, जिसके बाद वह गुस्से में अस्पताल पहुंचीं और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से बने अस्पताल में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विभा देवी ने इसे मौत का अस्पताल करार देते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है पीने का पानी, पंखे, और साफ शौचालय तक उपलब्ध नहीं। बारिश के कारण जलजमाव और दवा काउंटर में पानी भरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। तीन साल में ही इमारत की छत का टूटना और जर्जर हालत स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को दर्शाती है।
मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल
गरीब मरीज मजबूरी में यहां इलाज के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी, तो कड़ी कार्रवाई होगी। यह घटना न केवल प्रशासन की नाकामी को उजागर करती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाती है।