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भोपाल। शहर की लाइफ लाइन बड़े तालाब की सीमाओं को चिह्नित करने के लिए पिछले महीने सीमांकन की कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके तहत संत हिरदाराम नगर और टीटीनगर वृत्त के राजस्व अमले ने सीमांकन करते हुए एफटीएल से 50 मीटर दायरे में कोठी, बंगले, फार्म हाउस, होटल सहित 300 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इन सभी पर राजस्व अमले ने लाल निशान लगाकर निर्माणकर्ताओं को नोटिस देकर दस्तावेज पेश करने का समय तक दिया था।

इसको लेकर तहसीलदारों ने अतिक्रमणों की रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही एसडीएम द्वारा कलेक्टर के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद ही इन पर बुलडोजर चलाने का फैसला लिया जाएगा। सोमवार को हुई समय सीमा बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बड़े तालाब की सीमा में हुए अतिक्रमणों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। जानकारी के अनुसार, संत हिरदराम नगर वृत्त के राजस्व अमले ने टीएंडसीपी, नगर निगम व वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 25 फरवरी से वीआईपी रोड पर सीमांकन शुरू करवाया था।

इस दौरान वीआइपी रोड पर शासकीय बंगला, निजी इमारत, कोचिंग सेंटर, खानूगांव में मैरिज गार्डन, लान, झुग्गी, आर्मी का खेल परिसर, डेयरी, हलालपुर में मैरिज गार्डन, स्टील फैक्ट्री, बोरवन, बेहटा सहित अन्य में करीब 150 झुग्गियां 50 मीटर दायरे में चिह्नित की गई थी।

इसी तरह टीटीनगर वृत्त के राजस्व अमले ने प्रेमपुरा, सूरज नगर, गौरा, सेवनियां गौड़, बिशनखेड़ी सहित अन्य क्षेत्र में बड़े तालाब की सीमाओं को चिह्नित करने सीमांकन कराया गया था। इस दौरान आलीशान कोठी, बंगले, फार्म हाउस, होटल, रेस्टोरेंट सहित 100 से अधिक निर्माण मिले थे। दोनों ही वृत्त के तहसीलदारों ने चिह्नित निर्माण के आधार पर नाम सहित रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें निजी व शासकीय दोनों ही भूमि 50 मीटर दायरे में स्थित हैं।

अब दस्तावेज के आधार पर किया जाएगा फैसला

तहसीलदारों ने दोनों वृत्त की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंप दी है, अब जल्द ही कलेक्टर के साथ होने वाली बैठक में वह रिपोर्ट पेश करेंगे। सभी निर्माणकर्ताओं को दस्तावेज पेश करने का समय दिया था, लेकिन अधिकांश ने अनुमति संबंधी दस्तावेज नहीं दिए हैं। ऐसे में जल्द ही जिला प्रशासन, नगर निगम के साथ मिलकर अतिक्रमणों को तोड़ने की बड़ी कार्रवाई कर सकता है।