एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस केस में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन पर 9 करोड़ रुपये का कर्ज है, जो वह एक कंपनी को चुका नहीं पाए। इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सरेंडर करना पड़ा। हालांकि अब फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीतिक हस्तियां उनको आर्थिक मदद पहुंचा रही हैं। इसमें सलमान खान, सोनू सूद जैसे सितारों के नाम शामिल हैं। इसमें एक नाम प्रियदर्शन का भी जुड़ गया है, जिनके साथ एक्टर ने ‘मलामाल वीकली’, ‘भागम भाग’, ‘चुप चुप के’, ‘दे दाना दन’ जैसी फिल्मों में काम किया है।
फिल्ममेकर प्रियदर्शन ने ‘मिड-डे’ से बातचीत में बताया कि राजपाल यादव की आर्थिक तंगी को देखते हुए उन्होंने उनकी फिल्म में फीस बढ़ा दी है। साथ ही वह उनकी हर तरह से मदद करने की भी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं उनको 20 सालों से ज्यादा वक्त से जानता हूं। मैंने उनको सबसे पहले जंगल में देखा था। और उनकी परफॉर्मेंस देखकर मैं सरप्राइज्ड था। मेरी उनके साथ पहली फिल्म मालामाल वीकली थी। और उसके बाद उन्होंने मेरी कई फिल्मों में काम किया। मैंने प्रोड्यूसर्स (जुबली फिल्म्स) को कहा कि वह राजपाल यादव को उनकी परिस्थिति को देखते हुए अगली फिल्म में उनके चार्जेस से ज्यादा भुगतान करें। हम उनको बचाना चाहते हैं। प्रोड्यूसर्स भी मान गए। वह मेरी फिल्म में विलन बने हैं।’
प्रियदर्शन ने बताया राजपाल की कास्टिंग की वजह
फिल्ममेकर ने बताया कि वह एक्टर के कोर्ट केस के बारे में जानते थे। उन्हंने कहा, ‘मैं उनकी परेशानियों के बारे में जानता था। इसलिए मैं राजपाल को हर फिल्म में साइन करता रहता था। मैं उनको एड फिल्म्स करने के लिए भी कहता था। इस बेचारे आदमी ने कम पढ़े-लिखे होने के कारण गलती की। वरना राजपाल अच्छा इंसान है।’
राजपाल यादव ने कहा था- कोई दोस्त नहीं
राजपाल यादव ने तिहाड़ में सरेंडर करने से पहले कहा था कि उनका कोई दोस्त नहीं है। ‘न्यूजएक्स’ के मुताबिक, एक्टर ने कहा था, ‘सर क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं और कोई उपाय नहीं दिखता। सर यहां हम सब अकेले हैं। मेरा कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस मुसीबत से अकेले ही लड़ना होगा।’ उनके जेल जाते ही सोनू सूद ने एक्टर की मदद के लिए सबसे अपील की और उसके बाद उनके पास राशि जमा होने लगी। वकील ने बताया था कि 9 करोड़ में से 2.5 करोड़ रुपये जुटा लिए गए हैं। लेकिन भाई ने कहा कि उन्हें किसी की रकम नहीं मिली थी। फिलहाल वह जेल में हैं और 16 फरवरी को सुनवाई होगी।
राजपाल यादव ने लिए थे 5 करोड़ रुपये
बता दें कि साल 2010 में बतौर डायरेक्टर राजपाल यादव ने फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का फैसला किया। इसके लिए बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल की कंपनी ने 5 करोड़ रुपये दिए। जो डूब गए क्योंकि फिल्म फ्लॉप हो गई। इसके बाद उन्होंने जब अपने पैसे मांगे तो एक्टर ने कई चेक दिए, जो कि हर बार बाउंस हो गए। मामला कोर्ट पहुंचा और एक्टर को 2018 में 6 महीने की जेल भी हुई लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गए। लेकिन रकम चुका नहीं सके। जिसके कर्ज बढ़ता गया और वह 9 करोड़ रुपये हो गए।



