फिल्मों ये टीवी पर अपने किरदार से लोगों को हंसाने वाले कलाकार कई बार अंदर से बेहद टूटे, डरे और बिखरे हुए भी होते हैं। ये कलाकार कई बार हर दिन ही जिंदगी के संघर्षों का सामना करते हैं लेकिन जब ये कैमरे के सामने आते हैं तो लोगों के लिए केवल मुस्कुराहट लिए होते हैं। राजपाल यादव भी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं जिन्होंने ताउम्र लोगों को हंसाया लेकिन जीवन के संघर्ष को उन्होंने 10 साल की उम्र से ही हर दिन देखा है। एक्टर ने बताया कि एक समय में उन्हें ये घबराहट हो गई थी कि अब उनके लिए काम खत्म हो चुका है।
सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक पुरानी बातचीत में राजपाल यादव ने अपनी जिंदगी को लेकर बातें की थीं। उन्होंने कहा था, ‘मुझे देखकर दुनिया बहुत खुश हो जाती है ये मेरा सौभाग्य है। जितने भी इस संसार में हैं मुझे देखें और ब्लड सर्कुलेशन उनका अच्छा हो जाए ये मेरा सौभाग्य है। लेकिन मुझे अपने आपसे भी पूछना पड़ता है कि आप कितने खुश हैं? जो जीवन की आपाधापी में आप हंसी बिखेरते हो, उससे अगर उसका सौवां हिस्सा भी आप खुद के लिए ले लेते हो तो जीवन आसान हो जाता है।’
‘ऐसी कोई रात ही नहीं देखी जिसमें लगा अब सुख ही सुख’
उनसे पूछा गया था कि क्या कभी ऐसा हुआ है कि इतने लंबे करियर में कोई कॉमेडी रोल कर रहे हैं लेकिन आप मन ही मन उदास हो? इसपर एक्टर ने कहा था, ’10 साल की उम्र से ऐसी कोई रात नहीं जिसमें चुनौती न देखी हो। चाहे पारिवारिक हो, सामाजिक या जीवन के संघर्ष हो, करियर को लेकर हो, व्यवहार संस्कार या अपने वजूद को लेकर हो। ऐसी कोई रात ही नहीं देखी जिसमें लगा हो कि कल का दिन बहुत अच्छा.. अब सुख ही सुख है। जिस रात सोया हूं, सुबह के 10 चैलेंज लेकर सोया हूं। बस सच्ची आत्मा से सोया कि कल किसी भी कीमत पर चैलेंज को फेस भी करूंगा और इनमें विजय भी हासिल करूंगा।’
‘अगर गालियों को लेकर तालियां मिले तो मामला अनफिट हो जाएगा’
अपनी हार पर बातें करते हुए राजपाल यादव ने कहा, ‘2015 के बाद में मुझे लगा कि अब हमारे लिए काम खत्म हो चुका है। क्योंकि वेब सीरीज का जमाना आ गया, सब अचानक ओटीटी प्लेटफॉर्म। कोरोना तक आते-आते काफी बढ़ा। वहां जरूरत नहीं है तो भी गाली गलौज तो मुझे लगा कि मुझे ये देखने में इसलिए प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि इसे क्रिएटिविटी से बनाया गया है और उसकी ऑडियंस है। लेकिन अगर रोटी कपड़ा और मकान चलाना है तो काम तो करना ही होगा लेकिन 3-4 साल ऐसा लगा कि कोई सीरीज बनेगी जिसमें हम फिट होंगे। मुझे डर लगता था क्योंकि मुझे अगर गालियों को लेकर तालियां मिले तो मामला अनफिट हो जाएगा क्योंकि मैं हमेशा दादा-दादी, नाना-नानी, मंदिर में दिखाओ या मस्जिद में, एंटरटेनमेंट करता था। तो मुझे लगा मेरे लिए काम ही नहीं है, हम किसमें फिट होंगे। लेकिन धीरे-धीरे…अब वेब फिल्में आईं 2-4 तो काम करने का मौका मिला।’
राजपाल बोले- कभी इस गलतफहमी में नहीं रहा
उन्होंने कहा, ‘मैं जब डेली सुबह निकलता हूं तो कभी इस गलतफहमी में नहीं रहा कि इतनी फिल्में कर ली या इतना काम किया। मुझे ऐसा लगता है कि हर दिन एक शुरुआत है।’
राजपाल यादव को मिल गई है जमानत
यहां बता दें कि चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद कमीडियन राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने ये भी साफ किया है कि उन्हें 1.5 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भरना होगा। कोर्ट ने सोमवार की सुनवाई में यह भी कहा कि अगर अभिनेता दोपहर तक डिमांड ड्राफ्ट जमा कर देते हैं, तो उन्हें तुरंत रिहा कर दिया जाएगा और अगर वे ऐसा करने में नाकामयाब होते हैं, तो जमानत नहीं मिलेगी। हालांकि, एक्टर को अंतरिम जमानत मिल गई है। दरअसल, राजपाल यादव ने शाहजहांपुर में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए जमानत के लिए याचिका डाली थी। कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अभिनेता को अंतरिम जमानत दी है।



