जयपुर: राजस्थान पुलिस ने प्रदेश को भयमुक्त बनाने और संगठित अपराध की कमर तोड़ने के लिए रविवार तड़के एक विशाल घेराबंदी की। इस बड़े ऑपरेशन के तहत 19 जिलों में एक साथ दबिश देकर लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग सहित अन्य गिरोहों के 214 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अपराधियों के कब्जे से अवैध हथियारों का जखीरा और भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद की है।
ऑपरेशन का ब्लूप्रिंट और कमान
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि इस मिशन का मुख्य लक्ष्य रंगदारी और अवैध हथियार रखने वाले गिरोहों के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ना था। इस पूरे मिशन की कमान डीजी आनंद श्रीवास्तव को सौंपी गई। एडीजी दिनेश एमएन और डीआईजी योगेश यादव के निर्देशन में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने ऑपरेशन का ब्लूप्रिंट तैयार किया। ग्राउंड लेवल पर एसपी ज्ञान चंद यादव और उनकी अनुभवी टीम ने मोर्चा संभाला, जबकि सभी रेंज आईजी ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई की।
टारगेट पर थे 1276 अपराधी
पुलिस ने इस विशेष ऑपरेशन के लिए कुल 1276 अपराधियों की सूची तैयार की थी। रोहित गोदारा और लॉरेंस गैंग से संबंधित 383 अपराधी टारगेट पर थे।स्थानीय गैंग के 534 और अन्य श्रेणियों के 359 इनामी व वांछित अपराधी चिन्हित किए गए थे।
हथियारों और ड्रग्स का जखीरा बरामद
पुलिस की कार्रवाई में न केवल अपराधी पकड़े गए, बल्कि बड़ी मात्रा में अवैध सामान भी जब्त किया गया। आर्म्स एक्ट के तहत 30 मामले दर्ज कर 17 पिस्टल, 3 देशी कट्टे, 14 कारतूस और 12 चाकू-छुरे बरामद किए गए। विशेष रूप से पंजाब के बंबीहा गैंग से 11 पिस्टल और 12 मैगजीन मिली हैं। एनडीपीएस एक्ट के 34 मामलों में 1.166 किलो हेरोइन, स्मैक, एमडी, गांजा और डोडा पोस्त जब्त किया गया। झुंझुनूं जिले में पुलिस ने खेत पर छापेमारी कर 8,153 अफीम के पौधे बरामद कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
अपराधियों में खौफ, जनता में विश्वास
राजस्थान पुलिस की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से संगठित गिरोहों के बीच हड़कंप मच गया है। रविवार तड़के हुई इस अचानक कार्रवाई ने अपराधियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके सूचना तंत्र को ध्वस्त कर दिया है। डीजीपी के अनुसार, ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी ताकि राज्य में आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।



