नई दिल्ली: भारत को टैलेंट की खान कहा जाता है। छोटे घर से निकलने वाले बच्चे भारत की शान बनते हैं। दुनियाभर में तिरंगे का मान रखते हैं। अब भारतीय महिला टीम की दिग्गज खिलाड़ी वंदना कटारिया को ही ले लीजिए। वह उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश) के हरिद्वार के रोशनाबाद में 15 अप्रैल 1992 को जन्मी इस खिलाड़ी ने दुनियाभर में अपनी हॉकी की जादूगरी दिखाई। तोक्यो ओलंपिक 2020 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाजुक स्थिति में हैट्रिक दागकर जीत दिलाई तो वंदना के नाम ओलंपिक में पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी होने का सम्मान जुड़ा। 2021 में वह पीएम नरेंद्र मोदी के प्रमुख अभियान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की ब्रांड एम्बेसडर भी बनीं। अब वंदना ने रिटायरमेंट का ऐलान किया है।