PM नरेंद्र मोदी आज दोपहर ब्रिटेन के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए हैं। यह उनकी चौथी ब्रिटेन यात्रा है। यहां वे ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के न्योते पर जा रहे हैं।
कीर स्टार्मर के प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की यह पहली ब्रिटेन यात्रा है। PM की मुलाकात ब्रिटिश सम्राट किंग चार्ल्स से भी होगी।
लंदन में पीएम मोदी और स्टार्मर के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इसमें दोनों के बीच भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), रक्षा, टेक्नोलॉजी और जलवायु जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।
FTA को लेकर दोनों देशों के बीच 3 साल से ज्यादा समय तक बातचीत चली, जो अब जाकर पूरी हुई है।
5 साल में व्यापार दोगुना करना मकसद
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच तीन साल तक चली बातचीत के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एग्रीमेंट के मसौदे की लीगल प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
FTA का मतलब है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जिसे हिंदी में ‘मुक्त व्यापार समझौता’ कहा जाता है। यह ऐसा समझौता होता है जो दो या अधिक देशों के बीच होता है, ताकि वे आपस में सामान और सेवाओं का व्यापार आसानी से कर सकें और उस पर कम टैक्स (ड्यूटी) लगाएं या बिल्कुल टैक्स न लगाएं।
इससे दोनों देशों की कंपनियों को फायदा होता है, क्योंकि उनका सामान सस्ता हो जाता है जिससे लोग ज्यादा खरीदारी करते हैं।
FTA को कैबिनेट से मंजूरी मिली
भारत और यूके के बीच होने वाले इसे FTA को भारतीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। अब इसे ब्रिटिश संसद से अप्रूवल मिलना बाकी है। इसमें 6 महीने से 1 साल तक का वक्त लग सकता है।
पीएम मोदी के साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी ब्रिटेन यात्रा पर हैं। FTA से जुड़ी बातचीत में उनका प्रमुख रोल है। इससे पहले 6 मई को दोनों देशों के बीच डील फाइनल हुई थी।
FTA का मकसद 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 120 अरब डॉलर करना है। एग्रीमेंट साइन होने के बाद भारत के लेदर, फुटवियर, टेक्सटाइल, खिलौने, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे लेबर-इंटेंसिव प्रोडक्ट्स पर UK में एक्सपोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा।
वहीं ब्रिटिश व्हिस्की, कार जैसे प्रोडक्ट्स भारत में सस्ते हो जाएंगे। डील के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार 2030 तक 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही दोनों देशों में डिजिटल, इंजीनियरिंग, मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में नए रोजगार की उम्मीद है।
घरेलू शराब कंपनियों को कॉम्पिटिशन मिलेगा
इस समझौते के कारण यूके से आने वाली व्हिस्की भारत में कम कीमत पर उपलब्ध होगी, जो दुनिया का सबसे बड़ा व्हिस्की बाजार है। हालांकि इस डील के बाद उन घरेलू शराब कंपनियों को कॉम्पिटिशन मिलेगा, जो प्रीमियम अल्कोहल मार्केट में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन के सीईओ मार्क केंट ने इस डील को ‘ट्रांसफॉर्मेशनल’ बताया और कहा, "यूके-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एक पीढ़ी में एक बार होने वाला सौदा है और दुनिया के सबसे बड़े व्हिस्की बाजार में स्कॉच व्हिस्की एक्सपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।"
भारत को फ्री ट्रेड डील से क्या फायदा होगा?
इस डील से इंडियन एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलेगा और जॉब भी क्रिएट होंगे। वित्त वर्ष 24 में 12.9 बिलियन डॉलर यानी 1.12 लाख करोड़ रुपए की वैल्यू का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट भारत ने यूके को किया था। इस डील से भारत को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। डेवलप्ड मार्केट तक पहुंच भी बढ़ेगी।
भारत और UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी, जो अब करीब 3.5 साल बाद पूरी हुई है। 24 फरवरी को कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल और UK के बिजनेस एंड ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित FTA के लिए बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान किया था।
2014 से भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ 3 ऐसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ इसी तरह के समझौतों पर एक्टिवली बातचीत कर रहा है।



