नई दिल्ली: पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ( PFRDA ) ने NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम शुरू की है। यह उन लोगों के लिए है जो रिटायरमेंट की बचत के साथ-साथ अपने मेडिकल खर्चों के लिए भी एक सुरक्षित फंड बनाना चाहते हैं। यह स्कीम सब्सक्राइबर्स को अस्पताल में भर्ती होने और बिना भर्ती हुए इलाज के खर्चों के लिए पैसे की मदद देगी। इसमें पैसे जमा करने और निकालने के लचीले नियम दिए गए हैं, ताकि बीमारी के समय किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।
क्या है यह स्कीम?
यह योजना मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के तहत काम करेगी और इसमें ग्राहकों को खुद योगदान करना होगा। यानी उन्हें खुद पैसे जमा करने होंगे। PFRDA ने एक सर्कुलर में बताया कि यह एक कॉन्ट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम होगी। कोई भी भारतीय नागरिक अपनी मर्जी से इस स्कीम से जुड़ सकता है। फिलहाल इस स्कीम को एक पायलट प्रोजेक्ट (ट्रायल) के तौर पर परखा जा रहा है। पेंशन फंड (PF) योजना को सीमित समय के लिए पेश करेंगे।
कौन उठा सकता है इसका फायदा?
भारत का कोई भी नागरिक इस स्कीम से जुड़ सकता है। अगर किसी के पास पहले से ‘कॉमन स्कीम अकाउंट’ नहीं है तो NPS स्वास्थ्य अकाउंट के साथ उसे भी खोलना अनिवार्य होगा। ग्राहक मौजूदा नियमों के हिसाब से इस स्कीम में कितनी भी रकम जमा कर सकते हैं।



