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पड़ोसी मुल्‍क पाक‍िस्‍तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। सीमा पर युद्ध जैसे हालात हैं। दहशतगर्दों का पनाहगार अब हमारे नागरिक इलाकों में हमला कर रहा है। भारतीय सेना उसे मुंहतोड़ जवाब दे रही है। पहलगाम में जिस तरह पाकिस्‍तान से आए आतंकियों ने हमला किया और 26 लोगों की हत्‍या की, उसके बाद उसे उसकी ही भाषा में सबक सिखाना जरूरी है। हिंदुस्‍तान के लिए नासूर बन चुके इस पड़ोसी ने एक बार फिर से उन घावों को कुरेदना का काम किया है, जिसकी टीस बरसों बाद भी स‍िहरन देती है। एक ऐसा दर्द, शौर्य च्रक प्राप्‍त मेजर भूपेंद्र सिंह की हत्‍या का है। आतंकियों ने उन्‍हें 1994 में कश्‍मीर से अगवा किया था। तब उनकी बेटी महज 12 साल की थी। आज न‍िमरत कौर बॉलीवुड की नामचीन एक्‍ट्रेस हैं, लेकिन पिता को याद करते हुए उनकी आंख आज भी गम से नम और गुस्‍से से लाल हो जाती हैं।

पिलानी, राजस्‍थान के सिख परविार में जन्‍मी निमरत कौर आज 43 साल की हैं। बीते साल 23 जनवरी को उन्‍होंने इंस्‍टाग्राम पर पिता को याद करते हुए लिखा था, ‘आज से 30 साल पहले पापा के जाने के बाद, जीवन ने एक ऐसा मोड़ लिया, जिससे हम आज भी जूझते हैं। हालांकि, आधे-अधूरे सपने और क्या-क्या… यह कभी खत्म नहीं होता, लेकिन यह जानकर गर्व होता है कि उनकी रोशनी और जीवन की कहानी हमेशा के लिए हमारे दिलों में रहेगी।’

‘मेरे पापा ने आतंकियों की बात मानने से कर दिया था इनकार’

इन दिनों OTT पर वेब सीरीज ‘कुल’ में नजर आ रहीं निमरत कौर ने बीते दिनों खुद को ‘शहीद की बेटी’ बताया था। फैंस ने पूछा तो एक्‍ट्रेस ने साझा किया कि वह मेजर भूपेंद्र सिंह की बेटी हैं, जिन्हें 1994 में कश्मीर में आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था और उनकी हत्या कर दी थी। निमरत के पिता जब शहीद हुए, तब वह महज 12 साल की थीं। दहशतगर्दों ने उनके पिता की हत्‍या की, क्‍योंकि उन्‍होंने आतंकियों की बात मानने से इनकार कर दिया था।

कश्‍मीर के वेरीनाग में थी शहीद मेजर भूपेंद्र सिंह की तैनाती

हमारे सहयोगी ‘ईटाइम्स’ से बातचीत में निमरत कौर एक बार अपने पिता की आख‍िर यादों के बारे में खुलकर बात की थी। एक्‍ट्रेस ने बताया, ‘मेरे पापा मेजर थे। एक इंजीनियर, जो वेरीनाग नामक की जगह पर सेना की सीमा सड़कों पर तैनात थे। जब आप जम्मू से श्रीनगर जाते हैं, तो रास्ते में जवाहर सुरंग आती है और उसके बाद पहली घाटी वेरीनाग है।’