पहलगाम हमले के तीन आतंकियों में से एक की पहचान हो गई है। रविवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की गिरफ्त में आए दो आरोपियों ने बताया है कि हमला करने वाले तीन आतंकियों में से एक का नाम सुलेमान शाह है। बाकी दो पाकिस्तानी आतंकियों के नामों का खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है।
सुलेमान भी उसी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसमें वे आतंकी शामिल थे, जिनकी तस्वीर पहलगाम हमले के बाद सामने आई थी। इन आतंकियों में हाशिम मूसा, तल्हा भाई और जुनैद थे। हालांकि, जुनैद पिछले साल ही एनकाउंटर में मार दिया गया था।
जुनैद के मोबाइल फोन में ही इन आतंकियों के फोटो मिले थे। उस फोटो में सुलेमान शाह की फोटो भी है, जिसे कई पीड़ित परिवारों ने पहचान भी लिया है।
कल गिरफ्तार किए गए आरोपियों को रिमांड में लेगी पुलिस
पहलगाम हमले के दो महीने बाद रविवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पहलगाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि इन दोनों ने हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों को पनाह दी थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार हैं। पूछताछ में दोनों ने आतंकियों की पहचान बताई और यह भी पुष्टि की कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े हुए थे।
NIA के मुताबिक, परवेज और बशीर ने हमले से पहले इन तीनों आतंकियों को हिल पार्क स्थित एक अस्थायी ढोक (झोपड़ी) में जानबूझकर ठहराया था। उन्होंने उन्हें खाना और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई थीं।
NIA प्रवक्ता ने कहा कि दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा। उसके बाद हमले में शामिल तीनों पाकिस्तानी आतंकियों के बारे में और ज्यादा जानकारी मिल सकेगी।
सूत्रों का कहना है कि दोनों को रिमांड पर लेकर NIA टीम हाइड आउट यानी आतंकियों के छिपने वाली जगह जा सकती है। जिससे उनके भागने की रूट मैपिंग भी की जा सके।
पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी
22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। आतंकियों ने पर्यटकों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर चुन-चुनकर निशाना बनाया था। घटना पहलगाम शहर से 6 किलोमीटर दूर बायसरन घाटी में हुई थी।
पहलगाम हमले के खिलाफ भारत का ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं।



