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कुठार ग्राम पंचायत में उपजाऊ कृषि भूमि की लीज का विरोध, सैकड़ों किसान पहुंचे कलेक्टर कार्यालयकिसान

भोपाल | जीएस भारती  9669966562

पंचायत कुठार की उपजाऊ कृषि भूमि को उत्खनन के लिए लीज पर दिए जाने के विरोध में आज सैकड़ों किसान भोपाल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। किसानों ने बताया कि जिस भूमि को लीज पर दिया जा रहा है, उस पर वे पिछले लगभग 70 वर्षों से कृषि कार्य करते आ रहे हैं और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि यह भूमि पूरी तरह से सिंचित और उपजाऊ है, जो उनके जीवनयापन का मुख्य आधार है। यदि सरकार इस जमीन को लीज पर दे देती है, तो उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि प्रस्तावित लीज के तहत कोपरा उत्खनन एवं खनन कार्य किए जाएंगे, जिससे न केवल कृषि भूमि नष्ट होगी बल्कि आम जनता का जनजीवन भी प्रभावित होगा। खनन कार्य के चलते धूल, प्रदूषण और भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से आसपास के गांवों में रहने वाले लोग परेशान होंगे।

वहीं किसान हेमराज मीना ने बताया कि यदि लीज दी जाती है तो वहां खुदाई और उत्खनन के साथ गिट्टी क्रेशर जैसे कार्य भी शुरू होंगे, जिससे अत्यधिक धूल उड़ेगी और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ेगा और गांव का वातावरण प्रदूषित हो जाएगा।

वहीं कांग्रेस नेता मोहन मीना ने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया किसानों के लिए हानिकारक है और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लीज को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लीज रद्द नहीं की जाती है तो कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उनके हक-अधिकार की लड़ाई भी लड़ेगी।
किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए लीज प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के समक्ष किसानों ने अपनी बात रखी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जिला खनिज अधिकारी को लीज निरस्त करने के मौखिक निर्देश दिए। इस आश्वासन के बाद किसानों ने राहत की सांस ली, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लीज निरस्त नहीं होती है तो आगामी दिनों में गांव के सभी लोग बच्चों सहित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन करेंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी कृषि भूमि को किसी भी स्थिति में लीज पर न दिया जाए और उनके हितों की रक्षा की जाए।